क्या राहुल गांधी का सशस्त्र बलों से भरोसा उठ गया : अनुराग ठाकुर
वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर चीन के नाम पर 'भय फैलाने' का आरोप लगाया। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि क्या विपक्षी नेता का सशस्त्र बलों से भरोसा उठ गया है। राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जब चीनियों के साथ सूप पीने में व्यस्त थे, तब भारतीय सैनिक डोकलाम में चीनी जवानों से लड़ रहे थे।
ठाकुर ने कहा, इन लोगों को चीन के नाम पर डर फैलाने की आदत है। लेकिन यह 1962 का भारत नहीं है, यह 2014 का भारत है। भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री आगे कहा कि यूपीए शासन के दौरान तत्कालीन सरकार ने सशस्त्र बोलं को बुलेटप्रुफ जैकेट या राफेल फाइटर जेट के साथ सशक्त नहीं किया। उन्होंने कहा, आज भारत में तीन सौ से ज्यादा रक्षा वस्तुएं बनाई जा रही हैं। भारत अब रक्षा उपकरणों का निर्यातक है, आयातक नहीं। यह आत्मनिर्भर भारत है।
देश को भरोसे में क्यों नहीं ले रहे पीएम : जयराम रमेश
कांग्रेस ने तवांग सेक्टर में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा और सवाल किया कि वह इस विषय पर संसद में चर्चा क्यों नहीं होने दे रहे और देश को भरोसे में क्यों नहीं ले रहे।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का यह राजनीतिक कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है कि वह इस मुद्दे से जुड़े सवालों पर अपने 'मन की बात' करें। रमेश ने अपने बयान में प्रधानमंत्री से सात सवाल पूछे और कहा, 'यह प्रधानमंत्री का राजनीतिक कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है कि वह इन सात सवालों पर अपने 'मन की बात' करें। राष्ट्र जानना चाहता है।'
उन्होंने सवाल किया, '20 जून, 2020 को आपने (प्रधानमंत्री) क्यों कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन द्वारा कोई घुसपैठ नहीं हुई? आपने चीन को यह अनुमति क्यों दी कि वह हमारे सैनिकों को उन हजारों किलोमीटर के क्षेत्र में जाने से रोके जहां वे मई, 2020 से पहले नियमित रूप से गश्त किया करते थे?'
रमेश ने यह भी पूछा, "आपने 'माउंटेन स्ट्राइक कोर' बनाने को लेकर `17 जुलाई, 2013 को कैबिनेट द्वारा स्वीकृत की गई योजना को क्यों त्याग दिया? आपने चीनी कंपनियों को पीएम केयर फंड में अंशदान क्यों देने दिया? आपने पिछले दो वर्षों में चीन से आयात को रिकॉर्ड स्तर पर क्यों बढ़ने दिया?"