श्रीकृष्ण की पेंटिंग के साथ जसना सलीम।
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आज के दौर में कुछ तस्वीरें वाकई सुकून देने वाली होती है, वह भी वहां से वह तस्वीर सामने आ जाए जहां से आपको कोई उम्मीद नहीं हो। केरल में हिंदू-मुस्लिम एकता की जीती जागती तस्वीर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। मंदिर ने 28 वर्षीय मुस्लिम महिला जसना सलीम की बनाई हुई बाल गोपाल की एक पेंटिंग को मंदिर में लगाई गई है।
दरअसल, जसना सलीम त्रिशूर के प्रसिद्ध गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर को नन्हे कृष्ण के चित्र उपहार में देती रही हैं, लेकिन परंपरा और रीति-रिवाजों ने उन्हें मंदिर के अंदर जाने या मंदिर के अंदर इन तस्वीरों को रखने की अनुमति नहीं दी। यहां तक कि उसके मजहब ने भी उसकी यह मूर्ति घर में रखने की इजाजत नहीं दी। सलीम इसको लेकर बेहद परेशान चल रही थी। उसने फिर से मंदिर में पेंटिंग लगाने की तैयारी शुरू की और इस बार वह अपने कामों में सफल हो पाई ।
चूंकि प्राचीन मंदिर के अंदर गैर-हिंदुओं को जाने की अनुमति नहीं है, अत: वह या तो पोर्टल के सामने हुंडी के पास अपनी पेंटिंग लगाती हैं या हर साल विशु और जन्माष्टमी के दिन मंदिर के कर्मचारियों को सौंपती हैं।
मंदिर में पेंटिंग लगने से प्रसन्न हैं सलीम
रिश्तेदारों और समुदाय के लोगों की कड़ी आपत्ति के बावजूद जसना सलीम ने भगवान कृष्ण के बाल रूप की 500 से अधिक पेंटिंग बनाई हैं, जिन्हें राज्य के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में लोग खरीद रहे हैं। पथानमथिट्टा जिले के पांडलम के करीब स्थित उलानादु श्री कृष्णा स्वामी मंदिर ने कृष्ण के बालरूप की पेंटिंग के लिए जसना से औपचारिक तौर पर अनुरोध किया और रविवार को उन्हें आमंत्रित कर उनसे पेंटिंग ली। त्रिशूर के मंदिर में अपनी पेंटिंग लगने से जसना सलीम बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि एक ही निवेदन करने पर मंदिर में पेंटिंग लग गई है इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।