गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा पोर्ट
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सीमा शुल्क विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को मुंद्रा बंदरगाह से कई कंटेनर जब्त किए हैं। घातक सामग्री होने के संदेह में एक विदेशी जहाज से इन कंटेनरों को जब्त किया गया है। घातक वस्तुओं से युक्त इन कंटेनरों को पाकिस्तान के कराची से चीन के शंघाई भेजा जा रहा था। इन्हें मुंद्रा बंदरगाह पर नहीं उतारा जाना था। अदानी बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एपीएसईजेड) ने ये जानकारी दी।
इस बीच पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि मुंद्रा बंदरगाह पर जहाज पर जब्त किए गए कंटेनर खाली थे। पहले इनका इस्तेमाल चीन से कराची में के-2 और के-3 परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए ईंधन के परिवहन के लिए किया जाता था। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने मुंद्रा बंदरगाह पर भारतीय अधिकारियों द्वारा कराची बंदरगाह से चीन के शंघाई तक एक मालवाहक जहाज पर संभावित रेडियोधर्मी सामग्री को जब्त करने संबंधी खबरों के बारे में मीडिया के सवालों के जवाब में एक बयान जारी किया।
कंटेनरों में घातक पदार्थ पाया गया
भारत के सबसे बड़े बंदरगाह संचालक ने एक बयान जारी कर कहा कि हालांकि इन वस्तुओं को घातक सामान नहीं होने के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था। लेकिन कंटेनरों में घातक श्रेणी-सात का पदार्थ पाया गया। यानि इनमें रेडियो सक्रिय सामग्री हो सकती है।
अदानी बंदरगाह ने दी जानकारी
अदानी बंदरगाह ने अपने बयान में कहा कि 18 नवंबर 2021 को सीमा शुल्क विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय की संयुक्त टीम ने घातक वस्तु होने के संदेह में एक विदेशी पोत से कई कंटेनर जब्त किए। हालांकि, इन कंटेनरों को कराची से शंघाई भेजा जा रहा था और इन्हें मुंद्रा या भारत के किसी अन्य बंदरगाह में नहीं उतारा जाना था। इसके बावजूद सरकारी अधिकारियों ने आगे की जांच के लिए इन्हें मुंद्रा बंदरगाह पर उतार लिया।
एपीएसईजेड ने अपने बयान में कहा है कि इस कार्रवाई में उसने पूरा सहयोग किया है। अदानी समूह राष्ट्रीय सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है और इससे किसी तरह के समझौते की इजाजत नहीं देगा।