साकीनाका इलाके में दुष्कर्म के बाद निजी अंग में लोहे की रॉड से दरिंदगी करने का मामला महिला एसीपी के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपा गया है, जिसे एक महीने में जांच पूरी करने का आदेश दिया गया है। हैवानियत से भरी इस घटना में पीड़िता ने करीब 24 घंटे तक अस्पताल में जूझने के बाद शनिवार सुबह दम तोड़ दिया।
मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने बताया कि उपचार के दौरान पीड़िता के बेहोश होने से उसका बयान दर्ज नहीं किया जा सका। इसलिए उसके साथ कितनी दरिंदगी की गई और उस पर क्या-क्या गुजरी इसका पता नहीं चल पाया है। इसी कारण मामले की पूरी तहकीकात के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ज्योत्सना रासम के नेतृत्व में एसआईअी गठित की गई है, जो एक महीने के अंदर जांच पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी। उन्होंने कहा, इस जघन्य कांड के आरोपी को पुलिस जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करेगी।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 10 सितंबर की सुबह 3.20 बजे साकीनाक के खैरानी रोड स्थित एक कंपनी के सुरक्षा गार्ड ने पुलिस कंट्रोल रूम को एक महिला के साथ मारपीट की सूचना दी। इसके बाद मात्र 10 मिनट में साकीनाका पुलिस मौके पर पहुंची। जिस टेम्पो में पीड़िता के साथ हैवानियत हुई थी, समय बचाने के लिए पुलिस ने उसी टेम्पो से पीड़िता को तत्काल घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल ले जाकर भर्ती करा दिया था।
महिला के निजी अंग में लोहे की रॉड से दिखाई गई हैवानियत के कारण बेहद रक्तस्राव हो रहा था। महिला को आरोपी ने चाकू भी मारा था। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन भी किया, लेकिन दुर्भाग्य से उसे बचाया नही जा सका। पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए जेजे अस्पताल भेजा गया है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपी मोहन चौहान (45) को कुछ ही घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके कपड़ों पर भी खून के धब्बे मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। वाहन चालक का काम करने वाला मोहन वहीं स्थानीय बस्ती में रहता है।
पीड़िता की मौत के बाद जोड़ी हत्या की धारा
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, आरोपी मोहन चौहान के खिलाफ शुक्रवार को आईपीसी की धारा 307, 376, 504 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पीड़िता की मौत के बाद इसमें हत्या के लिए धारा 302 को भी जोड़ा गया है। हेमंत नगराले ने कहा कि फिलहाल जांच में एक ही आरोपी होने का पता चला है।
मानवता के लिए कलंक है घटना, फास्ट ट्रैक में चलेगा मुकदमा : ठाकरे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे जघन्य घटना बताते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा, साकीनाका इलाके में महिला के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी मौत की घटना मानवता के लिए कलंक है। अपराधी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके लिए राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल और मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले से बात की है। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का आदेश दिया।
विपक्ष ने मांगी आरोपी के लिए मौत की सजा
प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने आरोपी को मौत की सजा दिलाए जाने की मांग राज्य सरकार से की। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महाराष्ट्र में महिला सुरक्षित नहीं हैं? उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि सजा देना न्यायपालिका के हाथ में है, लेकिन मेरा मानना है कि साकीनाका दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। यह दिल्ली के निर्भया कांड को याद दिलाने वाली और मानवता को कलंकित करने वाली घटना है। एक समय मुंबई पुलिस का दबदबा था, लेकिन आज लोगों में कानून-व्यवस्था का डर खत्म हो चुका है। फडणवीस ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलवाने का आग्रह किया।
पीड़िता के परिजनों को सुरक्षा दें, सख्त कार्रवाई करें : एनसीडब्ल्यू
मुंबई के साकीनाका में दरिंदगी की शिकार महिला की मौत की घटना को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने स्थानीय प्रशासन को पीड़िता के परिजनों को उचित मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। रेखा शर्मा ने कहा, हालात को देखते हुए प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। पूरे घटनाक्रम में भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत एक एफआईआर अलग से दर्ज की जानी चाहिए। इसके लिए आयोग ने विभिन्न आपराधिक धाराओं का संदर्भ भी दिया है।
लंबे समय से एक दूसरे से था संबंध
साकीनाका इलाके के निर्भया कांड में मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने नया खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि निर्भया और आरोपी दोनों ही एक दूसरे को जानते थे। अस्पताल में निर्भया को देखने के बाद महापौर किशोरी पेडणेकर ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
पेडणेकर ने कहा कि अस्पताल मे निर्भया के गुप्तांग में बहुत ज्यादा जख्म हो गया था। निर्भया के उपचार के दौरान अस्पताल में केवल उसकी मां थी। महापौर ने खुलासा किया कि दोनों के बीच करीब 10-12 साल से एक दूसरे के साथ संबंध था। दोनो में आए दिन झगड़े होते रहते थे। शुक्रवार की रात तीन बजे जब झगड़ा शुरू हुआ तब भी कुछ लोगों ने उसके घर वालों को फोन किया था, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि इस तरह की घटना हो जाएगी।