मुंबई पुलिस ने साकीनाका दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इसमें कहा गया है कि आरोपी, पीड़िता को जानता था और पीड़िता उसे नजरअंदाज कर रही थी। जिसके चलते उसने पीड़िता का पीछा किया और उसपर हमला किया। यह जानकारी शुक्रवार को मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने दी।
सूत्रों ने बताया कि 345 पन्नों का यह आरोपपत्र मुंबई पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 28 सितंबर को दिंदोशी सत्र अदालत में दाखिल किया था। पुलिस ने अपना आरोपपत्र घटना के करीब 18 दिन बाद जमा किया, जिसमें एक 34 वर्षीय महिला से दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से सरिया से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
यह घटना 10 सितंबर की है जब एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने महिला के साथ एक वाहन में दुष्कर्म किया था और लोहे की रॉड के उसके गुप्तांगों पर बेरहमी से हमला किया था। हमले के एक दिन बाद बहुत अधिक खून बह जाने के चलते पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसे राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरोपी से मिलने से बच रही थी पीड़िता
मामले में पुलिस ने आईपीसी और एससी व एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता का पीछा किया क्योंकि वह पिछले 25 दिन से उससे मिलने से बच रही थी। जैसे ही आरोपी ने महिला को देखा गुस्से में उस पर हमला कर बैठा।
पुलिस ने 77 लोगों के दर्ज किए हैं बयान
इसके अलावा घायल महिला के बारे में पुलिस को सूचित करने वाले सुरक्षा गार्ड के बयान को भी पुलिस ने अपने आरोपपत्र में शामिल किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कम से कम 77 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें से 24 लोगों के बयान प्रमुख गवाहों के हैं।