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पॉक्सो अदालत: आंख मारना और फ्लाइंग किस का इशारा भी यौन उत्पीड़न

Mon, 12 Apr 2021 06:33 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

  • कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, गवाहों को सुनने के बाद ऐसी कोई वजह नहीं मिली है कि आरोपी को झूठे केस में फंसाया गया।
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अदालत ने सुनाई सजा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुंबई की विशेष पॉक्सो अदालत ने आंख मारने और फ्लाइंग किस को यौन उत्पीड़न मानते हुए 14 वर्षीय लड़की से छेड़छाड़ के आरोपी को एक साल की सजा सुनाई है।

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विशेष जज भारती काले ने 7 अप्रैल को 20 साल के युवक को आईपीसी की धारा 354 (यौन उत्पीड़न) और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया और दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आदेश की विस्तृत कॉपी शनिवार को उपलब्ध कराई गई। 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, गवाहों को सुनने के बाद ऐसी कोई वजह नहीं मिली है कि आरोपी को झूठे केस में फंसाया गया। इस बात के ठोस सुबूत हैं कि आरोपी को घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था और ऑन रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि आरोपी का आंख मारना और फ्लाइंग किस देना यौन इशारा है, जिससे पीड़ित का उत्पीड़न हुआ। कोर्ट ने पीड़ित के बयान के अलावा उसकी मां और जांच अधिकारी का बयान भी दर्ज किया।  
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यह मामला पिछले साल 29 फरवरी का है। लड़की की मां की शिकायत पर एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया था। 14 वर्षीय पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि घटना वाले दिन वह अपनी बहन के साथ घर के बाहर खड़ी थी।

इस दौरान उसके पड़ोस में रहने वाला आरोपी ने उसे आंख मारी और फ्लाइंग किस का इशारा किया। वह पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका था। इसके बाद बच्ची की मां ने पुलिस से शिकायत की।
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वहीं, आरोपी का कहना था कि दूसरे समुदाय से होने के कारण उसे झूठे मामले में फंसाया गया। उसके और बच्ची के चचेरे भाई के बीच शर्त लगी थी और इस वजह से उसने ऐसा किया। आरोपी पिछले साल मार्च से ही जेल में बंद है। 

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