विधान परिषद में कांग्रेस के सदस्य और मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रा. जनार्दन चांदुरकर ने अपने ही दल के नेता को कटघरे में खड़ा किया है। शनिवार को विधान परिषद में उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व प्रभारी मोहन प्रकाश पर जमकर निशाना साधा। चांदुरकर ने कहा कि मोहन प्रकाश जैसे लोगों की वजह से कांग्रेस का नुकसान हुआ है।
शनिवार को महाराष्ट्र विधान मंडल का आखिरी दिन था। प्रा. चांदुरकर ने सदस्यों की विदाई प्रस्तावपर बोलते हुए कहा कि मैं मुंबई कांग्रेस का अध्यक्ष बना था। उसके बाद मुझे विधान परिषद भेजने का फैसला किया गया लेकिन मोहन प्रकाश ने मेरा विरोध किया क्योंकि मैं उनके गुट का नहीं था। पर, मैने साहस दिखाया और उनकी बात मानने से मना कर दिया। चांदुरकर ने कहा कि वह गुटबाजी करते थे। इसलिए मैं उनकी बात नहीं मानता था।
प्रा. चांदुरकर ने कहा कि जब मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद पर मुझे नियुक्त किया गया तब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीधे फोन किया था और उन्होंने कहा था कि मैं विदेश जा रही हूं। मेरे विदेश जाने के बाद इसकी घोषणा होगी लेकिन, यह बात फिलहाल अपने तक ही सीमित रखियएगा।
मेरी नियुक्ति की जानकारी प्रदेश कांग्रेस में किसी नेता के पास नही थी।जब सोनिया गांधी विदेश गई तब राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को इसकी जानकारी हुई।