फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमएसआरटीसी: 26वें दिन भी रही जारी हड़ताल, सात हजार से भी कम कर्मचारियों ने काम किया

Tue, 23 Nov 2021 02:48 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई

सार

राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने सोमवार को दोपहर बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की और हड़ताल पर उनके साथ विस्तृत चर्चा की।
विज्ञापन
एमएसआरटीसी के कर्मचारियों की हड़ताल 26वें दिन भी जारी रही - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 26 वें दिन भी जारी रही और कुल 92,266 कर्मचारियों में से केवल 6,943 ने ही काम किया। इन कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में विलय करने की है।

विज्ञापन


एक अधिकारी ने बताया कि काम पर लौटने वाले 6,943 कर्मचारियों में 4,775 प्रशासनिक कर्मचारी, वर्कशॉप के 1,725 कर्मचारी और 163 कंडक्टर शामिल हैं। एमएसआरटीसी की यह हड़ताल 28 अक्तूबर को शुरू हुई थी, लेकिन नौ नवंबर को यह और तेज हो गई जब सभी 250 डिपो में कामकाज ठप पड़ गया।

राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने सोमवार को दोपहर बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की और हड़ताल पर उनके साथ विस्तृत चर्चा की। परब ने संवाददाताओं को बताया कि पवार हड़ताल से बने हालात के बारे में समझना चाहते थे।
विज्ञापन


परब ने कहा कि "आंदोलन के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग पीड़ित हैं। मैंने पवार के साथ विलय के मुद्दे के साथ-साथ एक रास्ता खोजने के लिए विभिन्न विकल्पों पर भी चर्चा की।" उन्होंने कहा, ‘‘विलय का मुद्दा उच्च न्यायालय की समिति के सामने है। इस बारे में भी चर्चा हुई कि सरकार को इस समिति के समक्ष क्या रुख अपनाना चाहिए।’’

सोमवार शाम को, एमएसआरटीसी कर्मचारियों के एक समूह ने बिना शर्ट पहने मुंबई मराठी पत्रकार संघ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और ठाकरे सरकार से प्रत्येक डिपो के एक कर्मचारी प्रतिनिधि से सीधे बात करने को कहा। एमएसआरटीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि 626 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और 2,968 अन्य नियमित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

राज्य सरकार के साथ एमएसआरटीसी के विलय से कर्मचारियों को बेहतर वेतन और नौकरी की अधिक सुरक्षा मिलेगी, हालांकि सरकारी प्रतिनिधियों ने नियमित रूप से कहा है कि वे विलय को छोड़कर हड़ताली श्रमिकों के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें