राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगते हुए मध्यप्रदेश के जिलों में समाजवादी पार्टी का कुछ असर मुलायम सिंह यादव के जमाने से रहा है। उसमें रीवा, दतिया, सतना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना और छतरपुर जैसे जिले शामिल हैं। हिमांशु पूनिया कहते हैं कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी बड़ी हिस्सेदारी की आस लगाए बैठी है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ही सीटों के बंटवारे में अहम भूमिका में होगी। इसलिए मध्यप्रदेश में समाजवादी पार्टी की ओर से मांगी गई सीटों में कांग्रेस अगर अड़ जाती है, तो उसका असर लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मिलने वाली सीटों पर भी पड़ सकता है। वह मानते हैं कि इसी सियासी समीकरण को देखते हुए मध्यप्रदेश में कांग्रेस समाजवादी पार्टी को सीटें देने का दांव खेल सकती है। ताकि उत्तर प्रदेश में वह मजबूती के साथ अपनी तय सीटों के लिहाज से समाजवादी पार्टी से समझौता कर सके।