भारत की 12 अंकों की सार्वभौमिक पहचान आधार पर चिंता जताते हुए वैश्विक रेटिंग कंपनी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने बायोमेट्रिक प्रौद्योगिकियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। हालांकि अब सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से सोमवार देर रात एक बयान में कहा गया, 'एक निश्चित निवेशक सेवा ने बिना किसी सबूत या आधार का हवाला दिए बिना दुनिया की सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी आधार के खिलाफ व्यापक दावे किए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि आधार दुनिया में सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी है और इस पर मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस की राय आधारहीन है। पिछले एक दशक में, एक अरब से अधिक भारतीयों ने 100 बिलियन से अधिक बार खुद को प्रमाणित करने के लिए आधार का उपयोग करके इसमें अपना विश्वास व्यक्त किया है। किसी पहचान प्रणाली में विश्वास के ऐसे अभूतपूर्व मत को नजरअंदाज करने का मतलब यह है कि उपयोगकर्ता यह नहीं समझते हैं कि उनके हित में क्या है। इसमें यह भी कहा गया है कि निवेश कंपनी ने अपने दावे के समर्थन में किसी प्रकार का आंकड़ा या तथ्य नहीं दिया है।
सरकार की ओर से मूडीज को जवाब देने के लिए जारी बयान
मूडीज ने कहा है कि भारत में आधार प्रणाली को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें प्राधिकरण स्थापित करने का बोझ और बायोमेट्रिक विश्वसनीयता साबित करने जैसी चिंताएं शामिल हैं। मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'इस प्रणाली में अक्सर सेवा से इनकार कर दिया जाता है, गर्म, आर्द्र जलवायु में बायोमेट्रिक प्रौद्योगिकियों की विश्वसनीयता, विशेष रूप से मैनुअल मजदूरों के लिए संदिग्ध है।'
भारत की गर्म और आर्द्र जलवायु में आधार बायोमेट्रिक्स की दक्षता पर सवाल उठाने के जवाब में सरकार ने कहा कि आधार प्रणाली में बायोमेट्रिक जमा करना फेस ऑथेंटिकेशन और आईरिस ऑथेंटिकेशन जैसे संपर्क रहित माध्यमों के से भी संभव है।
रिपोर्ट में केंद्रीकृत आधार प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल उठाने के जवाब में सरकार ने कहा है कि इस संबंध में तथ्यात्मक स्थिति का खुलासा बार-बार सांसदों के सवालों के जवाब में किया गया है। संसद को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि आज तक आधार डेटाबेस से किसी भी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है।
सरकार ने यह भी कहा कि आईएमएफ और विश्व बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने 'आधार की भूमिका की सराहना' की है। सरकार की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि 'कई देश भी आधार प्राधिकरण के साथ यह समझने के लिए जुड़े हुए हैं कि वे इसी तरह की डिजिटल आईडी प्रणाली कैसे विकसित कर सकते हैं।
बता दें कि मूडीज की ओर से आधार पर सवाल देश के शीर्ष लेखा परीक्षक, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से "खराब डेटा प्रबंधन" के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की खिंचाई करने के एक साल बाद उठाए गए हैं।