वरिष्ठ कांग्रेस नेता क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज किए गए मामले में पूछताछ के लिए सुबह करीब 11 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ के बाद सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के सुधाकरन सोमवार को मनी लांड्रिंग के एक मामले में ईडी के सामने पेश हुए। इस दौरान ईडी ने उनसे सात घंटे तक पूछताछ की। इस मामले का मुख्य आरोपी स्वयंभू विवादास्पद प्राचीन वस्तुओं के डीलर मोनसन मावुंकल है।
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जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज किए गए मामले में पूछताछ के लिए सुबह करीब 11 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ के बाद सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
मनी लॉन्ड्रिंग में संदिग्ध भूमिका को लेकर ईडी उनसे पूछताछ कर रही है। सुधाकरन ने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। इसलिए मैं पूछताछ से नहीं डरता। अगर मुझे भ्रष्टाचार करना होता तो मैं बहुत पहले ही ऐसा कर सकता था। उन्होंने कहा, जब मैं वन मंत्री था तो मुझे बहुत सारे प्रस्ताव मिले और मैंने उनमें से किसी के भी आगे घुटने नहीं टेके।
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गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी के मामले में पैसे गंवाने वाले शिकायतकर्ताओं के बयान के आधार पर दर्ज मामले में पहले मावुंकल को गिरफ्तार किया था और जमानत पर रिहा कर दिया था। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया था कि उन्होंने सुधाकरन की मौजूदगी में मावुंकल को पैसे सौंपे थे।
दो साल पहले जब उन पर आरोप लगे तो सुधाकरन ने उनका खंडन किया था। सुधाकरन के साथ मावुंकल की तस्वीरें सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक विवाद में बदल गया था। तब सुधाकरन ने कहा था कि वह इलाज के लिए मावुंकल के आवास पर गए थे। उन्होंने बताया था कि मावुंकल ने खुद को प्रशिक्षित कॉस्मेटोलॉजिस्ट बताया था।
दुर्लभ और ऐतिहासिक प्राचीन वस्तुएं रखने का दावा करने वाले चेरथला निवासी मावुंकल को पुलिस की अपराध शाखा ने सितंबर 2021 में गिरफ्तार किया था। उस पर कई लोगों से 10 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। मावुंकल को हाल ही में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में कई आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।