ईडी के सूत्रों का कहना है कि मलिक का बेटा बार-बार समन की अवहेलना कर रहा है। वहीं, ईडी का यह भी आरोप है कि नवाब मलिक की पत्नी महजबीन भी लंबे समय से मनी लॉन्ड्रिग के मामले में शामिल रही हैं। अब फराज मलिक और उसकी मां से पूछताछ के लिए ईडी कोर्ट में गैरजमानती वारंट जारी करने की दरख्वास्त कर सकती है।
अंडरवर्ल्ड संपर्क और मनी लॉन्ड्रिग के मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के मंत्री व एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक के बाद अब उनके बेटे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक मलिक के बेटे फराज मलिक को पांच बार और उनकी पत्नी महजबीन को दो बार समन भेज चुकी है, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसलिए फराज मलिक पर जल्द ही ईडी का शिकंजा कस सकता है।
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ईडी के सूत्रों का कहना है कि मलिक का बेटा बार-बार समन की अवहेलना कर रहा है। वहीं, ईडी का यह भी आरोप है कि नवाब मलिक की पत्नी महजबीन भी लंबे समय से मनी लॉन्ड्रिग के मामले में शामिल रही हैं। अब फराज मलिक और उसकी मां से पूछताछ के लिए ईडी कोर्ट में गैरजमानती वारंट जारी करने की दरख्वास्त कर सकती है। इसके बाद न केवल फराज बल्कि उसकी मां महजबीन को भी ईडी के सामने पेश होना पड़ेगा।
इससे पहले ईडी ने मुंबई की विशेष अदालत में मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ पांच हजार पन्ने की चार्जशीट दायर की है, जिसमें नवाब मलिक के अंडरवर्ल्ड से संबंधों का उल्लेख है। साथ ही, साल 1996 में कुर्ला स्थित गोवावाला कंपाउंड को हड़पने की साजिश का भी खुलासा किया गया है। इससे पहले विशेष अदालत ने ईडी के आरोप पत्र को संज्ञान लेते हुए 20 मई को कहा था कि नवाब मलिक सीधे तौर पर जानबूझकर कुर्ला में गोवावाला परिसर को हड़पने के लिए मनी लॉन्ड्रिग और आपराधिक साजिश में शामिल था।
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दाऊद अपने भाई-बहन को हर महीने भेजता है 10 लाख
नवाब मलिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिग के मामले में ईडी के आरोप पत्र में एक गवाह के हवाले से कहा है कि दाऊद इब्राहिम अपने भाई-बहन को हर महीने 10 लाख रुपए भेजता है। ईडी को दिए बयान में गवाह खालिद उस्मान शेख ने कहा है कि दाऊद के भाई इकबाल कासकर ने उसे बताया था कि दाऊद उसे अपने आदमियों के जरिए पैसे भेजेगा और उसे भी 10 लाख रुपए हर महीने मिलेंगे। कई बार तो कासकर ने उसे नोटों की गड्डियां भी दिखाई थी और कहा था कि यह उसे दाऊद भाई से मिला है।