पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने रविवार को कर्नाटक के मांड्या में वह वजह सार्वजनिक कर दी, जिसके चलते वह पीएम नरेंद्र मोदी का आदर करते हैं। उन्होंने कहा,'पीएम मोदी के प्रति मेरा आदर उस वक्त कई गुना बढ़ गया, जब उन्होंने 2014 के चुनाव में भाजपा की जीत के बाद मुझे लोकसभा से इस्तीफा नहीं देने दिया।'
उस वक्त की यादों को स्मरण करते हुए पूर्व पीएम देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त मोदी को चुनौती दी थी कि यदि भाजपा 276 सीटें जीतकर अपने दम पर सत्ता में आई तो वह लोकसभा से इस्तीफा दे देंगे।
कर्नाटक के मांड्या में रविवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में देवेगौडा ने कहा, 'मैंने कहा था कि यदि आप 276 सीटें जीत जाओगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। आप दूसरे दलों से गठबंधन कर सरकार बना सकते हो, लेकिन यदि आप अपने दम पर 276 सीटें जीत लोगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।'
देवेगौड़ा ने कहा कि भाजपा अपने दम पर सत्ता में आई, जिसके बाद उन्हें अपने किए वादे को पूरा करने की ललक महसूस हुई। जेडीएस के संरक्षक ने कहा कि 2014 में जीत के बाद मोदी ने उन्हें निजी तौर पर अपने शपथ समारोह में आमंत्रित किया। जब जीत के बाद के सारे समारोह हो गए तो उसके बाद मैंने मोदी के साथ मुलाकात का वक्त मांगा। पीएम मुलाकात के लिए तैयार हो गए। जब मेरी कार संसद के बरामदे तक पहुंची तो मोदी खुद मुझे रिसीव करने आए।
वे मेरा हाथ पकड़कर अंदर ले गए। यह सम्मान उस व्यक्ति के लिए था, जिसने उनका (मोदी) का इतना विरोध किया था। देवेगौड़ा ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि मैं अपने शब्दों पर कायम हूं। कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। इस पर उन्होंने मुझसे कहा कि मैं चुनाव के दौरान कही जाने वाली चीजों को इतनी गंभीरता से क्यों ले रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी जरूरत पड़ेगी तो उन्हें मेरे साथ मामलों पर चर्चा करना पड़ेगी।' इसके बाद, देवेगौड़ा पीएम मोदी से छह से सात बार मिले, उनके प्रति उनका सम्मान बढ़ता गया था।
देवेगौड़ा ने कहा, "मैंने पीएम मोदी के व्यक्तित्व में बदलाव देखा - गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वे जो थे और प्रधानमंत्री बनने के बाद वे क्या हैं। जेडीएस सुप्रीमो ने यह भी कहा कि मोदी ने जब भी उनसे मिलना चाहा, वह मिलने के लिए तुरंत तैयार हो गए।