गांधी परिवार के बड़े नाम वरुण गांधी को मंत्री बनाए जाने को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर यूपी के आंवला और पीलीभीत क्षेत्र में एक बड़ा संदेश देना चाहती है। उनके आने से पार्टी में युवा नेतृत्व के साथ-साथ एक दमदार चेहरा भी मिल सकता है।
क्षेत्रीय दलों को भी साधेगी पार्टी
उत्तर प्रदेश से अपना दल (एस) नेता अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में शामिल कर पिछड़े वर्ग की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है तो निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद के सांसद बेटे प्रवीण निषाद को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
मध्यप्रदेश और बिहार का बढ़ेगा दम
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया का केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने तय माना जा रहा है। इसे उनकी मध्यप्रदेश में सरकार बनाने के प्रयास के इनाम के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्हें पार्टी की तरफ से दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया है। उनका देवास का दौरा स्थगित कर दिल्ली आने को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे मंत्रिमंडल में मध्यप्रदेश की भागीदारी संतुलित रखने की कोशिश होगी क्योंकि थावरचंद गहलोत के जाने से यह कड़ी कमजोर पड़ रही थी।
बिहार से जनता दल यूनाइटेड को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर उसकी भूमिका भी बढ़ाई जा सकती है। इस दल के राज्यसभा में नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है तो बिहार से भाजपा नेता सुशील मोदी को मंत्रिमंडल में जगह देकर उन्हें भी संतुष्ट किया जा सकता है।
जिस तरह से महाराष्ट्र के नेता नारायण राणे को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के कहने पर दिल्ली बुलाया गया है, माना जा रहा है कि उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना तय है। इससे पार्टी महाराष्ट्र की केंद्रीय मंत्रिमंडल में भागीदारी बढ़ाना चाहती है क्योंकि शिवसेना के उससे अलग होने के बाद यह भागीदारी कमजोर हो गई है।
कमजोर प्रदर्शन वाले नेताओं की छुट्टी
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, लगभग 10 मंत्रियों के विभागों में परिवर्तन किया जा सकता है और इतने को ही मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में वापस लाया जा सकता है। इसके साथ ही जिन मंत्रियों के पास काम का भार ज्यादा है, उनके ऊपर से भार कम करके उन्हें अन्य ऊर्जावान मंत्रियों को दिया जा सकता है जिससे मंत्रियों के कामकाज में सुधार हो।
इस कड़ी में कई विभाग संभाल रहे केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पीयूष गोयल के कुछ विभागों में फेरबदल किया जा सकता है। इसी प्रकार हरदीप सिंह पुरी के कामकाज में बदलाव की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।