भाजपा के सूत्रों का कहना है कि भाजपा को इस बार पूर्ण बहुमत नहीं है। भाजपा को गठबंधन सहयोगियों को भी उनकी डिमांड के हिसाब से मंत्री पद देने पड़ेंगे। ऐसे में राजस्थान के सांसदों के लिए बहुत ज्यादा जगह नहीं बनेगी। ऐसे में प्रदेश से राजनीतिक और जातिगत समीकरण को साधने के लिए प्रदेश से कुछ चेहरों को फिर सरकार में मौका मिल सकता है। अर्जुन राम मेघवाल, भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत मंत्री पद के लिए रिपीट हो सकते हैं। इसके अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र में इस साल और कुछ राज्यों में अगले साल चुनाव प्रस्तावित हैं। इसलिए फिलहाल राजस्थान से दो के आसपास मंत्री बनाए जा सकते हैं।
इस बीच सबकी की नजरें मोदी सरकार 2.0 में लोकसभा अध्यक्ष रहे ओम बिरला पर टिकी हुई हैं। प्रदेश की कोटा-बूंदी लोकसभा सीट पर बिरला ने जीत हासिल की है। पहले भी लोकसभा स्पीकर रहे कई नेता मंत्री बने हैं। शिवराज पाटिल लोकसभा स्पीकर रहने के बाद यूपीए सरकार में मंत्री बने थे। प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार 3.0 में अर्जुन राम मेघवाल को रिपीट करने की संभावनाएं ज्यादा हैं। वे मारवाड़ और नहरी क्षेत्र के अकेले दलित चेहरे हैं। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की गुड बुक में आते हैं। दलित वर्ग को साधने के लिए मेघवाल की मंत्रिमंडल में वापसी हो सकती है।
अब तक राज्यसभा के जरिए संसद पहुंचने वाले भूपेंद्र यादव पहली बार अलवर लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंचे हैं। यादव की गिनती मोदी-शाह के करीबियों में होती है। यादव कुशल रणनीतिकार है। उनका पैतृक गांव हरियाणा के गुड़गांव में है। हरियाणा में चुनाव होने हैं। ऐसे में यादव को मंत्री बनाकर हरियाणा को भी साधा जा सकता है। ऐसे ही राजपूत समाज को साधने के लिए गजेंद्र सिंह शेखावत को भी मंत्री बनाया जा सकता है। शेखावत तीसरी बार जीत कर संसद पहुंचे हैं। शेखावत मोदी-शाह के नजदीक होने के साथ सीमावर्ती इलाकों में अच्छी पकड़ रखते हैं। पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के हराने के बाद मारवाड़ क्षेत्र के समीकरण को भी साधने के लिए उन्हें मौका दिया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार 3.0 में शेखावत के बजाए किसी अन्य राजपूत चेहरे को भी मौका दिया जा सकता है। राजस्थान से राजपूत समाज के तीन भाजपा सांसद जीते हैं, सबकी अच्छी प्रोफाइल हैं। शेखावत को मंत्री नहीं बनाने की स्थिति में राव राजेंद्र सिंह, महिमा कुमारी मेवाड़ में से एक के नाम पर विचार किया जा सकता है।