एप के जरिये ऑनलाइन कर्ज वितरण से जुड़ीं चीनी कंपनियों के खिलाफ जांच तेज होगी। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से जुड़े शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों पर नकेल कसी जाएगी।
मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन कर्ज वितरण से जुड़ीं कंपनियों समेत कई चीनी फर्मों के खिलाफ कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने जांच तेज कर दी है। इनमें से कुछ जांच अंतिम चरण में हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया, गैर-कानूनी ढंग से कर्ज वितरण एप चलाने वाली कंपनियों के खिलाफ हाल ही में जांच तेज हुई है।
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मंत्रालय लाभकारी स्वामित्व को छिपाने के लिए कंपनियों व संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। चीनी कंपनियों के खिलाफ जांच को लेकर अधिकारी ने कहा, मंत्रालय यह भी देख रहा है कि क्या इन कंपनियों में कोई धोखाधड़ी हुई है। कुछ मामलों की जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) भी कर रहा है।
फंडिंग के स्रोत का पता लगाना चुनौतीपूर्ण
अधिकारी के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सूचना और प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय समेत अन्य इकाइयों से मिली शिकायतों के आधार पर इन कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू होती है। हालांकि, कुछ कंपनियों के फंडिंग के स्रोतों का पता लगाना कभी-कभी मुश्किल होता है।
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प्ले स्टोर से हटाए गए 2,200 से अधिक एप
वित्त मंत्रालय ने संसद के बजट सत्र में बताया था कि गूगल ने सितंबर, 2022 और अगस्त, 2023 के बीच अपने प्ले स्टोर से 2,200 से अधिक धोखाधड़ी वाले कर्ज एप को निलंबित कर दिया या हटा दिया है। जनवरी में दिल्ली व हरियाणा क्षेत्र के कंपनी पंजीयक ने एक भारतीय कंपनी एवं उससे संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं पर कुल 21 लाख रुपये से अधिक जुर्माना लगाया था।