मिजोरम के ममित जिले के पुकजिंग इलाके में बुधवार को एक पत्थर की खदान धंस गई। हादसे में आशंका जताई जा रही है कि कम से कम तीन मजदूरों की मौत हुई है। हालांकि, इसकी पुष्टि नही हो पाई है। एक अधिकारी ने बताया कि सभी मजदूर राज्य के बाहर के रहने वाले हैं और संभवत: मलबे में फंसे हुए हैं। बचाव अभियान चल रहा है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
अधिकारी ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे हुई घटना का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। मजदूरों की पहचान भी अभी तक नहीं हो पाई है। पिछले साल नवंबर में हनाथियाल जिले के मौधर इलाके में एक पत्थर खदान दुर्घटना में 12 लोगों की मौत हो गई थी।
दूसरी ओर, मणिपुर में हिंसा के करीब आठ महीने बाद 87 कुकी-जो पीड़ितों के शवों को बुधवार को चुराचांदपुर जिले के सेहकेन स्थित खुगा बांध के पास सामूहिक रूप से दफनाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच इन मृतकों के पीड़ितों के लिए तुईबोंग में शोक समारोह आयोजित किया गया। रविवार रात को दो आदिवासी समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प के बाद जिले में धारा 144 अभी भी लागू है।
बता दें कि ये शव बीते आठ माह से मुर्दाघरों में थे। 87 शवों में से 41 शव पिछले हफ्ते इम्फाल के मुर्दाघर से लाए गए थे, जबकि 46 शव चुराचांदपुर में ही रखे थे। इससे पहले 15 दिसंबर को कांगपोकपी जिले में19 शवों को सामूहिक कार्यक्रम में दफनाया गया था।