पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा कि खरगे देश के पहले दलित प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
हालांकि, इसके बाद कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अच्छा होगा अगर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे विपक्षी इंडिया गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, लेकिन यहां दिन में सपने देखने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना है।
प्रियांक खरगे ने दी प्रतिक्रिया
प्रियांक खरगे ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को लोकसभा में बहुमत हासिल करने पर जोर दिया और इसे विपक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया है। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर खरगे का नाम सामने रखने पर कई नेताओं समेत एमडीएमके नेता वाइको ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि खरगे ने कहा कि यहां जीत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और अभी विपक्षी गठबंधन की ताकत को बढ़ाना है। बाकी सबकुछ बाद में तय किया जाएगा।
प्रियांक खरगे ने कहा, 'कांग्रेस के अध्यक्ष ने इसपर प्रतिक्रिया दी है। हमारे यहां चुनौती सबसे ज्यादा सांसदों को चुनकर उन्हें दिल्ली भेजने की है। बहुमत पाने के लिए हमें जो भी करना पड़ेगा हम करेंगे।' मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जवाब दिया, 'क्या आप किसी कन्नड़ के प्रधानमंत्री बनने पर ना कहेंगे? अगर वह प्रधानमंत्री बनते हैं तो ये अच्छी बात है, लेकिन इससे पहले हमें अपने सामने आए चुनौतियों का सामना करना होगा। हमें सबसे पहले कांग्रेस को 200-250 सीटें जीताने होंगे और इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर अनुकूल महौल बनाना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार अपनी पार्टी से जीतें।'
सूत्रों के अनुसार पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर खरगे के नाम पर इंडिया गठबंधन की बैठक में फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर अपने नाम के प्रस्ताव पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा वह वंचितों के लिए काम करते हैं। पहले चुनाव जीतेंगे फिर इस मुद्दे को देखेंगे।