प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस (आईबीसीए) की घोषणा करते हुए रविवार को कहा कि भारत पर्यावरण व अर्थव्यवस्था के बीच संघर्ष पर विश्वास नहीं करता, बल्कि दोनों के सह-अस्तित्व को महत्व देता रहा है। पृथ्वी पर पाए जाने वाले 7 बड़े विडाल वंशी जीवों के संरक्षण के लिए वैश्विक गठबंधन आईबीसीए को भी इसी दृष्टिकोण से बनाया गया है।
कैमरा ट्रैप में कितने बाघ दर्ज
शिवालिक पर्वतमाला व गंगा के मैदान- 804
मध्य भारत के ऊंचे क्षेत्र व पूर्वी घाट - 1,161
पश्चिमी घाट - 824 n सुंदरबन - 100
उत्तर-पूर्वी पर्वतमाला व ब्रह्मपुत्र के मैदान - 194
32,588 कैमरा ट्रैप उपयोग हुए इस बार गणना में 4.70 करोड़ तस्वीरें ली गईं। पिछली बार 26,838 कैमरा ट्रैप से 3.48 लाख तस्वीरें ली गई थीं। इनमें से बाघों की 97,399 तस्वीरें थीं, यह भी 2018 में ली गई 76,651 तस्वीरों से कहीं अधिक है।
आईबीसीए में शामिल सात में पांच जीव भारत में...
जुलाई, 2019 में पीएम मोदी ने पूरी दुनिया से निवेदन किया था कि एशिया में अवैध शिकार व वन्यजीवों से जुड़े अवैध कारोबार रोकने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएं। इसी के तहत आईबीसीए बना है। इसमें बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और पूमा का संरक्षण होगा। इनमें से पहले पांच विडाल वंशी भारत में हैं तो जगुआर व पूमा दक्षिणी व उत्तरी अमेरिका में मिलते हैं। आईबीसीए में वैज्ञानिक तौर-तरीकों से इनका संरक्षण होगा। सभी संबंधित देशों को तकनीकी मदद दी जाएगी। 97 देश आईबीसीए का हिस्सा होंगे।