अब वो दिन दूर नहीं है जब आपको राजधानी और शताब्दी जैसे सुपरफास्ट ट्रेनों में एक की बजाय दो-दो इंजन दिखाई दें। इन इंजनों का इस्तेमाल सुपरफास्ट ट्रेनों की गति को और बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
नई योजना के मुताबिक एक इंजन को ट्रेन के आगे तो दूसरे इंजन को ट्रेन के पीछे लगाया जाएगा। आगे का इंजन पहले की तरह ही ट्रेन को आगे खिंचेगा लेकिन पीछे वाला ट्रेन को पीछे से धकेलेगा जिससे की ट्रेन की गति को और ज्यादा बढ़ाया जा सके।
ये सब रेलमंत्री सुरेश प्रभु की नई योजना 'रफ्तार' के तहत किया जाएगा। इस नई योजना की शुरुआत ट्रेन की गति को कम कर्च में ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।