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सुरेश प्रभु का मिशन 'रफ्तार', राजधानी-शताब्दी की रफ्तार बढ़ाने का नया तरीका

Tue, 08 Mar 2016 09:19 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • ऐसी बढ़ेगी रफ्तार
  • प्रभु की नई योजना
  • राजधानी-शताब्दी पर मेहरबानी
  • कम होगा यात्रा का समय
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राजधानी एक्सप्रेस - फोटो : PTI
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विस्तार
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अब वो दिन दूर नहीं है जब आपको राजधानी और शताब्दी जैसे सुपरफास्ट ट्रेनों में एक की बजाय दो-दो इंजन दिखाई दें। इन इंजनों का इस्तेमाल सुपरफास्ट ट्रेनों की गति को और बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
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नई योजना के मुताबिक एक इंजन को ट्रेन के आगे तो दूसरे इंजन को ट्रेन के पीछे लगाया जाएगा। आगे का इंजन पहले की तरह ही ट्रेन को आगे खिंचेगा लेकिन पीछे वाला ट्रेन को पीछे से धकेलेगा जिससे की ट्रेन की गति को और ज्यादा बढ़ाया जा सके।

ये सब रेलमंत्री सुरेश प्रभु की नई योजना 'रफ्तार' के तहत किया जाएगा। इस नई योजना की शुरुआत ट्रेन की गति को कम कर्च में ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।
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कितना होगा फायदा?

शताब्दी एक्सप्रेस - फोटो : PTI
रेलवे नई सोच और कम खर्च में अपनी रफ्तार बढ़ाने के लिए ऐसे ही नए तरीकों पर काम कर रही है। इसके तहत सस्ते इंजीनियरिंग सोल्यूशन, इनोवेटिव आइडियाज और लो कॉस्ट मेंटेनेंस की दिशा में भी काम किया जाएगा।

रेलवे बोर्ड के मुताबिक इस तरह से प्रयोग से मुंबई राजधानी का समय एक घंटा और हावड़ा राजधानी का समय दो घंटा तक कम हो जाएगा। इस तकनीक का इस्तेमाल मुंबई-पुणे घाट जैसे इलाकों में चलने वाली माल गाड़ियों में पहले ही किया जाता रहा है। इसके अलावा अजमेर शताब्दी के साथ किया गया प्रयोग भी सफल रहा है।
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