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Mumbai: 20 साल पहले मुंबई से लापता हुई महिला पाकिस्तान में मिली, सोशल मीडिया के जरिए परिजनों से की बात

Mon, 01 Aug 2022 08:56 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

पाकिस्तान में एक वजीउल्ला मारूफ नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने हमीदा बानो (लापता महिला) से मुलाकात की। महिला ने उन्हें बताया कि कैसे मुंबई में एक एजेंट ने बीस साल पहले दुबई में काम दिलाने का वादा करके उसे धोखा दिया।
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हैदराबाद में रह रहीं मुंबई की हमीदा बानो - फोटो : Youtube/Waliullah Maroof
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विस्तार
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मुंबई से बीस साल पहले लापता हुई महिला को सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान से ढूंढ निकाला गया है। सत्तर वर्षीय महिला अभी पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में रह रही हैं। महिला ने दुबई में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के लिए शहर को छोड़ा था लेकिन उसके बाद वह पड़ोसी देश पहुंच गईं। महिला ने लापता होने के बाद से पहली बार सोशल मीडिया के जरिए उपनगरीय कुर्ला में रहने वाले अपने परिवार के साथ बात की। 
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पाकिस्तानी कार्यकर्ता ने मुलाकात कर यू-ट्यूब पर डाला वीडियो
महिला के परिवार के अनुसार, पाकिस्तान में एक वजीउल्ला मारूफ नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने हमीदा बानो (लापता महिला) से मुलाकात की। महिला ने उन्हें बताया कि कैसे मुंबई में एक एजेंट ने बीस साल पहले दुबई में काम दिलाने का वादा करके उसे धोखा दिया और वह इसके (दुबई के) बजाय पड़ोसी देश (पाकिस्तान) में पहुंच गईं। 

पाकिस्तानी व्यक्ति से शादी की लेकिन उसकी मौत हो गई
इसके बाद बानो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर में रहने लगी और बाद में उसने एक स्थानीय व्यक्ति से शादी कर ली, जिससे उसका एक बच्चा भी हुआ। लेकिन उसके पति की बाद में मृत्यु हो गई। 
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मारूफ ने महिला की कहानी को सुनकर और उसके घर वापस जान की तड़प को देखकर अपने यूट्यूब चैनल पर उसका वीडियो अपलोड किया और मुंबई से किसी सामाजिक कार्यकर्ता की तलाश शुरू कर दी जो उसकी मदद कर सके और अंत में उसे कार्यकर्ता खफ्लान शेख मिल गया। 

महिला की बेटी ने क्या कहा?
यास्मीन कहती हैं, "मेरी मां एक एजेंट के जरिए काम के सिलसिले में 2002 में दुबई चली गई थी। लेकिन एजेंट की लापरवाही के कारण वह पाकिस्तान चली गईं। हम उनके ठिकाने से अनजान रहे और उसी एजेंट के जरिए केवल एक बार उससे (मां) संपर्क कर सके।" 

यास्मीन ने बताया कि अतीत में उनकी मां घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के लिए कतर भी गई थीं। यास्मीन कहती हैं, "हमें खुशी है कि हमारी मां जीवित और सुरक्षित है। अब हम चाहते हैं कि भारत सरकार उसे वापस लाने में हमारी मदद करे।"
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परिवार ने पाकिस्तान उच्चायोग से संपर्क करने की योजना बनाई है ताकि महिला को सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।
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