Rajya Sabha: शहरी मामलों के मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अल्पसंख्यक समुदायओं के कुल लाभार्थियों में से करीब 13.45 लाख घरों को मुसलमानों के लिए स्वीकृत किया गया, जो कि करीब 12.74 फीसदी है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 15.15 फीसदी लाभार्थी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। एक सवाल के लिखित जवाब में शहरी मामलों के मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायओं के कुल लाभार्थियों में से करीब 13.45 लाख घरों को मुसलमानों के लिए स्वीकृत किया गया है, जो कि करीब 12.74 फीसदी है।
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मंत्री के मुताबिक, "ईसाइयों के लिए 1,73,350 घरों की स्वीकृत दी गई। इसके बाद सिखों के लिए 49,670; बौद्धों के लिए 19,707; जैनियों के लिए 10,457 और पारसियों के लिए 1,127 घर स्वीकृत किए गए।" उन्होंने कहा कि जून 2015 में शुरू पीएमवाई-यू को संघवाद की भावना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जरिए लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 1.18 करोड़ से ज्यादा घरों को स्वीकृति दी गई।
साहू ने जवाब में कहा, स्वीकृत घरों में से 114.33 लाख निर्माण शुरू हो चुका है। जिनमें से 85.04 लाख बनाए जा चुके हैं। योजना की अवधि को इस साल दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है, जो पहले 31 मार्च 2022 तक थी।