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West Bengal: मोबाइल गेम में हारने पर नाबालिग को मारे गए 200 जूते, मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज

Thu, 18 Aug 2022 09:26 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल में मोबाइल गेम में हारने पर एक नाबालिग को 200 बार जूतों से पीटा गया। पिटाई के बाद लड़के की हालत ये हो गई कि उसे मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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मोबाइल में गेम खेलता बच्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में एक मोबाइल गेम खेलने के चक्कर में एक नाबालिग की कथित तौर पर पिटाई का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पूर्वी मेदिनीपुर जिले के पोटाशपुर गांव की है।यहां मोबाइल गेम में हारने पर एक नाबालिग को 200 बार जूतों से पीटा गया। पिटाई के बाद लड़के की हालत ये हो गई कि उसे मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। 

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जूतों से पीटने की थी शर्त
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना बुधवार यानी 17 अगस्त की है। कुछ नाबालिग बच्चे गांव से कुछ दूरी पर सूनसान जगह पर मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। इस गेम में हारने वाले की जूतों से पिटाई करने की शर्त थी। इसमें हारने के बाद नाबालिग को 200 बार जूते से पीटा गया। जब नाबालिग घर वापस लौटा तो उसकी हालत बिगड़ गई और उसके नाक से खून आने लगा। जिसके बाद उसके परिजन नाबालिग को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां से बाद में उसे मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 

जब परिजनों को जूतों से पीटने की शर्त के बारे में पता चला तो वे स्थानीय थाने पहुंचे। जिसके बाद नाबालिग को भी थाने बुलवाकर उससे पूछताछ की गई। हालांकि ये नाबालिग जो गेम खेल रहे थे उसके नाम का खुलासा अभी नहीं हुआ है। पुलिस ने भी इसे लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। उनका कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। 
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गौरतलब है कि ऑनलाइन वीडियो गेमिंग का बाजार बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है इसी के साथ बढ़ रहा है इसका दुष्परिणाम। कई वीडियो गेम्स बच्चों के लिए बेहद ही खतरनाक साबित हो रहे हैं। ब्लू व्हेल जैसे गेम्स की वजह से कई मौतें भी हो चुकी हैं। ऐसे वीडियो गेम्स बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, उन्हें हिंसक बना रहे हैं और यहां तक की जान देने के लिए भी उकसा रहे हैं।

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