सुरक्षा के लिए बाड़ जरूरी मगर जीरो लाइन पर लगे
बार्निंग ने कहा कि राष्ट्र विरोधी तत्व आन जाने के लिए इस आसान सीमा का फायदा उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से सभी चाहते हैं कि बाड़ जल्द से जल्द लग जाए, लेकिन जीरो-लाइन पर लगे। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से, गांव ने महामारी के मद्देनजर पिछले साल से खुद को बांग्लादेश से अलग करने के लिए बांस और छोटी टहनियों से बनी बाड़ लगाई है।
जीरो लाइन से 150 गज की दूरी पर लगाई जाती है बाड़
बीएसएफ मेघालय फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया समझौते के अनुसार, जीरो लाइन से कम से कम 150 गज की दूरी पर बाड़ लगाई जाती है लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड कुछ मामलों में जीरो लाइन के पास ही बाड़ लगाने के लिए सहमत हो जाते हैं।