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डीए, एनपीएस और एलटीए को ले कर जल्द मिल सकती है राहत, कर्मचारियों की सरकार के साथ हुई बैठक

Wed, 14 Apr 2021 07:13 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक में नेशनल काउंसिल (जेसीएम) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा- कोविड 19 के दौरान ड्यूटी दे रहे अनेक कर्मचारी मारे गए हैं। सरकार से मांग की है कि कोविड-19 में मारे गए कर्मियों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए एक कोटा निर्धारित किया जाए...
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केंद्रीय सरकारी कर्मचारी - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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केंद्र सरकार के 49 लाख कर्मियों और 62 लाख से ज्यादा पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल काउंसिल (जेसीएम) की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हुई, जिसमें केंद्र सरकार के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस बैठक में कर्मियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्टाफ साइड की तरफ से डॉ. एम. राघवैया, शिव गोपाल मिश्रा और सी. श्रीकुमार ने केंद्रीय कर्मियों की वे मांगें बैठक में रखी, जिन्हें लेकर कर्मचारी संगठन लंबे समय से आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं।

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कर्मियों का डीए, एनपीएस, एलटीए और नाइट ड्यूटी अलाउंस जैसे दर्जनों मामलों पर नियमानुसार विचार करने के लिए सहमति बनी है। स्टाफ साइड की तरफ से सरकार के समक्ष यह मांग की गई है कि कोरोना संक्रमण के दौरान मारे गए कर्मियों के परिजनों को एक्स-ग्रेसिया पॉलिसी के तहत सरकारी नौकरी पर रखा जाए।

डीओपीटी ने पिछले दिनों हुई इस बैठक के मिनट्स जारी किए हैं। नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक में नेशनल काउंसिल (जेसीएम) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा- कोविड 19 के दौरान ड्यूटी दे रहे अनेक कर्मचारी मारे गए हैं। अगर रेलवे की बात करें तो यह संख्या 450 के पार जा चुकी है। इन कर्मियों ने मुश्किल समय में देश की सेवा की है, इसलिए सरकार को एक्स-ग्रेसिया पॉलिसी के तहत इनके परिवार में से किसी सदस्य को नौकरी पर रखा जाना चाहिए, साथ ही कोविड-19 में मारे गए कर्मियों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए एक कोटा निर्धारित किया जाए।

देश में कोरोना संक्रमण फैलने की वजह से अप्रैल 2020 में वित्त मंत्रालय द्वारा सभी केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों को मिलने वाले महंगाई भत्ते और महंगाई राहत पर रोक लगा दी गई थी। ये भत्ते पहली जनवरी 2020 से देय थे, लेकिन इन पर एक जुलाई 2021 तक रोक लगा दी गई। नेशनल काउंसिल के प्रतिनिधियों ने डीओपीटी की अतिरिक्त सचिव सुजाता चतुर्वेदी (एस्टेब्लिश), एजी मैथ्यू अतिरिक्त सचिव (पर्स), राकेश मित्तल ज्वाइंट सेक्रेटरी (ई) रक्षा मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय के दीपक पीटर गेब्रेयल और दूसरे अधिकारियों को साफतौर पर बता दिया कि अब वेतन भत्तों पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए। कर्मियों को उक्त अवधि का एरियर भी प्रदान करें। इस बाबत सहमति बन गई है।
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एनपीएस स्कीम को लेकर सरकार से आग्रह किया गया था कि वह सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में शामिल करे। मिनट्स के मुताबिक, स्टाफ साइड को यह भरोसा दिलाया गया है कि आखिरी सेलरी का पचास फीसदी हिस्सा पेंशन के तौर पर माना जाएगा। केंद्र सरकार के कई विभागों में नाइट ड्यूटी अलाउंस 'एनडीए' बंद कर दिया गया है। इनमें रक्षा उत्पादन और रेलवे सहित कई दूसरे तकनीकी विभाग शामिल हैं। इन विभागों में कार्यरत लेवल-3, लेवल-4, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर व दूसरे तकनीकी कर्मियों को एनडीए नहीं दिया जाता। इसके अलावा रेलवे में माइलेज अलाउंस को आयकर के दायरे से बाहर करने की मांग रखी गई है।

कोविड के चलते गत वर्ष लॉकडाउन के कारण अनेक कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम की इजाजत दी गई थी। आपातकालीन स्थिति के चलते कुछ कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर भी गए थे। उस दौरान बायोमेट्रिक अटैंडेंस सिस्टम बंद कर दिया गया था। कर्मियों को लॉकडाउन पीरियड का टीए मिला था, अब सरकार कर्मियों के खाते से टीए की राशि वसूल रही है।  

नेशनल काउंसिल (जेसीएम) ने सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। हालांकि इस बाबत वित्त मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर दी हैं। सरकारी कर्मियों को एलटीसी के बदले दी गई स्पेशल कैश पैकेज स्कीम रास नहीं आ रही है। सरकार से आग्रह किया गया है कि एलटीसी ब्लॉक ईयर 2018-2019 को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया जाए। स्टाफ साइड के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार इस बाबत जल्द ही निर्णय ले लेगी। कर्मियों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सरकार के सामने रखा गया है। सरकार पर डीए और एरियर देने का दबाव है। उम्मीद है कि जल्द ही कर्मियों को राहत भरा समाचार मिलेगा।
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