केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मीडिया का परिदृश्य बदल गया है और डिजिटल मीडिया के उद्भव ने जानकारी को सुलभ बना दिया है। लेकिन साथ ही गलत सूचना के प्रसार और पारंपरिक माध्यमों के लिए प्रतिस्पर्धा सहित चुनौतियों के प्रति आगाह किया है।
यह देखते हुए कि कोविड-19 महामारी के दौरान समाचार पत्रों की प्रतियां कम हो गई हैं, मंत्री ने संघ के अंग जन्मभूमि दैनिक के कोझीकोड संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि मीडिया घरानों ने इसे डिजिटल होने के अवसर के रूप में देखा है। मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में विभिन्न मीडिया घरानों के साथ बातचीत करते हुए मैंने महसूस किया है कि उनकी वास्तविक डिजिटल संख्या बहुत अधिक हो गई है। आपके पाठक दर्शकों की संख्या बहुत अधिक हो गई है।
डिजिटल पाठकों की संख्या बढ़ी
पिछले सप्ताह उर्दू अखबारों के संपादकों के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए ठाकुर ने कहा कि उन्होंने उन्हें सूचित किया है कि डिजिटल पाठकों की संख्या मुद्रित प्रतियों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक हो गई है। यह दर्शाता है कि न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में आप पहुंच सकते हैं और आपकी पहुंच भी बढ़ सकती है।
मंत्री ने फर्जी खबरों की स्थिति के बारे में भी बात की जिसमें बहुत सारी झूठी जानकारी को हानिकारक तरीके से फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर महसूस किया गया है और गलत सूचना के कारण कई लोगों की जान चली गई है।
महामारी से ज्यादा इंफोडेमिक बन गया
ठाकुर ने कहा, कोविड-19 महामारी के दौरान महामारी से ज्यादा यह इंफोडेमिक बन गया। और न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर यह इंफोडेमिक की समस्या पैदा हुई। गलत सूचना के कारण कई लोगों की जान चली गई। यह देखते हुए कि इसकी वजह से एक चुनौती बढ़ रही है, मंत्री ने कहा कि हमें उस पर भी नजर रखनी होगी और देखना होगा कि हमारे अखबार, हमारे प्लेटफॉर्म पर क्या चल रहा है। क्योंकि हाल के दिनों में दिख रहा है कि डिजिटल मीडिया के साथ अब एक बड़ी चुनौती आ रही है।