केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के बारे में लोकसभा में किसी भी सवाल का जवाब स्वीकार नहीं किया। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर पोस्ट पर एक सवाल के जवाब में कहा, 'आपको गलत जानकारी दी गई है क्योंकि मैंने इस प्रश्न और इस उत्तर के साथ किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।' उनके बयान के बाद विपक्षी दलों ने इस मामले में जांच की मांग की।
गौरतलब है कि संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र के दौरान लोक सभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 980 पूछा गया। इसका शीर्षक था 'हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करना।' कांग्रेस सांसद कुंभकुडी सुधाकरन ने यह सवाल पूछा था। इसके जवाब में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा था, किसी संगठन को आतंकवादी घोषित करना गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आता है। किसी भी संगठन को आतंकवादी घोषित करना संबंधित सरकारी विभागों की तरफ से की गई कार्रवाई और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार माना जाता है।
लेखी के बयान से इतर संसद में सवाल के जवाब देने में हुई भूल प्रकरण में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, लोकसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 980 में जवाब देने वाले मंत्री का नाम वी. मुरलीधरन लिखा जाना था। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा नहीं हुआ। अब संसद में प्रश्न का उत्तर देने वाले राज्य मंत्री के रूप में मुरलीधरन का नाम लिखे जाने के लिए तकनीकी सुधार की जरूरत है। इसके लिए जरूरी और उपयुक्त पहल की जा रही है।
पूरे विवाद के बीच 'एक्स' पर शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल किया, क्या मीनाक्षी लेखी यह दावा कर रही हैं कि संसद में सवाल पूछा जाना और जवाब को मंजूरी देने की घटना जाली प्रतिक्रिया है। अगर ऐसा है तो यह संसद में प्रचलित नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा।
गौरतलब है कि केरल की कन्नूर लोकसभा सीट से चुनकर आए सांसद सुधाकरन ने पूछा था कि क्या सरकार के पास हमास को भारत में आतंकवादी संगठन घोषित करने का कोई प्रस्ताव है? यदि हां, तो उसका विवरण दिया जाए। अगर ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, तो इसके क्या कारण हैं? उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या इस्राइल सरकार ने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए भारत सरकार से बात की है? सुधाकरन ने सरकार से विवरण मुहैया कराने की मांग भी की थी।
उनके प्रश्न का उत्तर शुक्रवार को दिया गया। यह लोकसभा वेबसाइट पर अतारांकित प्रश्नों की सूची में शामिल है। शनिवार को जब मीनाक्षी लेखी को बताया गया कि लोकसभा और विदेश मंत्रालय की वेबसाइटों पर उनके नाम का उल्लेख करते हुए सवाल और जवाब मौजूद हैं तो उन्होंने कहा, जांच से अपराधी का पता चल जाएगा।
इस घटनाक्रम के बीच एक बार फिर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी एक्स पर सक्रिय हुईं। उन्होंने कहा, 'किसी और के माध्यम से प्रस्तुत प्रश्न पूछने के कारण कल एक सांसद को निष्कासित कर दिया गया। आज एक मंत्री ने संसदीय प्रश्न का उत्तर मंजूर करने की बात से इनकार कर दिया। उन्होंने पूछा, क्या इसकी जांच नहीं होनी चाहिए? क्या जवाबदेही की मांग नहीं होनी चाहिए। भले ही विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया कितनी भी सहज क्यों न हो।
एक्स पर मीनाक्षी लेखी की पोस्ट के जवाब में प्रियंका के बाद कांग्रेस नेता अमिताभ दुबे ने पूछा, आपके लिए किसने लॉग इन किया? बता दें कि आईडी पासवर्ड शेयर करने का मामला महुआ मोइत्रा से जुड़े प्रकरण में सुर्खियों में रहा था। 52 दिनों के विवाद के बाद महुआ को 'संसद में सवाल के बदले पैसा' विवाद में लोकसभा से बर्खास्त कर दिया गया। महुआ पर अपनी संसदीय यूजर आईडी और पासवर्ड उद्योगपति के साथ शेयर करने के आरोप लगे हैं।
विवाद के तूल पकड़ने पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने शनिवार को प्रेस वार्ता में कहा, "मैं सभी को बताना चाहती हूं कि मैंने उस प्रश्न से संबंधित ऐसे किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।" उन्होंने कहा, इस उल्लंघन की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर को दे दी गई है। विदेश सचिव को भी फोन किया गया है। घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।