पश्चिम एशिया के संकट पर विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत ने कुछ दिन पहले एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने कहा कि हिंसा और स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। हमने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा का पर जोर दिया था। उन्होंने कहा, 'हमारी राय में यह महत्वपूर्ण है कि हिंसक संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय आयाम न ले ले... अभी तक, इस्राइल, ईरान और अन्य देशों से उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इसलिए लोगों के पास विकल्प है कि वे सुरक्षित जगहों पर जा सकते हैं।
लेबनान-ईरान और इस्राइल में कितने भारतीय हैं?
उन्होंने बताया कि संकट में फंसे परिवारों ने भारत सरकार और हमारे दूतावासों से संपर्क किया है, लेकिन फिलहाल सरकार कोई निकासी प्रक्रिया नहीं चला रही है। लेबनान में हमारे करीब 3,000 लोग हैं, जिनमें से ज़्यादातर बेरूत में हैं... ईरान में, हमारे करीब 10,000 लोग हैं, जिनमें से करीब 5,000 छात्र हैं... इस्राइल में, हमारे करीब 30,000 लोग हैं जिनमें से ज़्यादातर देखभाल करने वाले और कर्मचारी हैं।
पाकिस्तान दौरे पर गए जाकिर नाइक से जुड़े एक सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा, हमने वे रिपोर्ट्स देखी हैं जिसमें जाकिर नाइक को पाकिस्तान में लाने की खबरें हैं। उसका गर्मजोशी से स्वागत किया भी किया गया है। हमारे लिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एक भारतीय भगोड़े का पाकिस्तान में उच्च-स्तरीय स्वागत किया गया है। यह निराशाजनक और निंदनीय है लेकिन आश्चर्यजनक नहीं है