फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हनुमान चालीसा विवाद: सांसद नवनीत राणा को राहत नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द की याचिका, जमानत के लिए सेशन कोर्ट का किया रुख

Mon, 25 Apr 2022 08:14 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई पुलिस ने सांसद नवनीत राणा को भायखला महिला जेल में रखा है, वहीं उनके पति एवं विधायक रवि राणा को नवी मुंबई के तलोजा जेल में रखा है। उन्होंने जमानत के लिए सेशन कोर्ट का रुख किया है। 
विज्ञापन
नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा का एलान करने के मामले में गिरफ्तार सांसद नवनीत राणा को बॉम्बे हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका खारिज कर दी है। नवनीत राणा को सार्वजनिक जगह पर हनुमान चालीसा को लेकर फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन वालों की जिम्मेदारी ज्यादा है। 

विज्ञापन


बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि मामले में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है, राज्य सरकार दूसरी एफआईआर के अनुसार कार्रवाई शुरू करने की इच्छुक है। राज्य सरकार के अधिकारी इस तरह की कार्रवाई करने से पहले याचिकाकर्ताओं को 72 घंटे का नोटिस जारी करेंगे। 

जमानत के लिए किया सेशन कोर्ट का रुख 
जेल में बंद निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की सार्वजनिक घोषणा के बाद देशद्रोह और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में जमानत के लिए सत्र अदालत का रुख किया। जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। उनके वकील रिजवान मर्चेंट ने कहा कि दंपति ने बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष लंबित अपनी जमानत याचिका वापस लेने का फैसला किया है, जिसने उन्हें गिरफ्तारी के एक दिन बाद रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
विज्ञापन


मर्चेंट ने कहा कि उपनगरीय खार पुलिस ने शुरू में विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में राणा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। रिमांड के समय पुलिस ने मजिस्ट्रेट अदालत को सूचित किया था कि उन्होंने पहली प्राथमिकी में दंपति के खिलाफ देशद्रोह का आरोप जोड़ा है। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए के तहत राजद्रोह के आरोप में न्यूनतम सात साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। इसलिए राजद्रोह के अपराध के लिए जमानत मजिस्ट्रेट अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।


एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था
अमरावती की सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए एक याचिका दायर की थी। राणा दंपत्ति को हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर उठे विवाद के बाद शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। राणा दंपति पर आईपीसी की धारा 15A और 353 के साथ-साथ बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत FIR दर्ज है। सबसे बड़ी धारा 124A यानी राजद्रोह की धारा भी लगाई गई है।

नवनीत राणा और उनके पति को अलग-अलग जेल में रखा गया
उद्धव ठाकरे निवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए अड़ीं निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा की रात जेल में कटी। जेल जाने से पहले दोनों की कोरोना जांच की गई। बता दें कि मुंबई पुलिस ने निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को यहां भायखला महिला जेल में स्थानांतरित कर दिया जबकि उनके विधायक पति रवि राणा को कड़ी सुरक्षा के बीच पड़ोसी नवी मुंबई की तलोजा जेल ले जाया गया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

क्या है मामला
बता दें कि मातोश्री के बाहर हुनमान चालीसा का पाठ करने पर अड़ीं अमरावती से सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को बीते शनिवार को मुंबई पुलिस ने  खार इलाके से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें रविवार को  बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने राणा दंपती को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। अब दोनों की जमानत पर सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें