मणिपुर में हिंसा की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में जिरिबाम जिले में हिंसा भड़क गई थी। ताजा हिंसा के मद्देनजर पड़ोसी राज्य असम में रविवार को अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। खासकर कछार जिले के लखीपुर इलाके में भारी बल तैनात किया गया। बता दें, हालिया हिंसा के कारण सैकड़ों लोगों को अपने घरों को छोड़कर असम में शरण लेना पड़ा।
बता दें कि 59 वर्षीय मैतेई किसान सोइबम शरतकुमार गुरुवार की सुबह से ही अपने फार्म से लापता थे। बाद में उनका शव बरामद किया गया। उनके शरीर पर घाव के निशान भी पाए गए थे। शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने जिरिबाम पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करना शुरू किया। लोगों ने चुनाव के दौरान के मद्देनजर उनसे ली गई उनकी लाइसेंसी बंदूकें चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें वापस करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से शांति बरतने की अपील की। मणिपुर में पिछले साल से मई से जारी हिंसा से अब तक जिरिबाम अप्रभावित रहा है। यहां भी मैतेई, मुस्लिम, नागा, कुकी और गैर-मणिपुरी लोग रहते हैं।
600 लोग लखीपुर भागे
इतना ही नहीं, हिंसा से बिगड़ते हालात को देखते हुए जिरिबाम जिला मजिस्ट्रेट को कर्फ्यू लगाना पड़ा। यह हिंसा मणिपुर से असम तक पहुंच गई। अलग-अलग जातीय से जुड़े करीब 600 लोग कछार जिले के लखीपुर भाग गए। इन लोगों ने राज्य में भड़की हिंसा से बचने की उम्मीद में पड़ोसी असम में रह रहे रिश्तेदारों के पास शरण ली।