भारतीय सेना, असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के सहयोग से मणिपुर के विभिन्न जिलों में पिछले एक सप्ताह से संयुक्त अभियान चलाया। इन अभियनों में भारी संख्या में हथियार और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की गई है। इन संयुक्त अभियानों में विस्फोटक की पहचान के लिए कुत्तों, धातु पहचानक और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त को काकचिंग जिला के सेकमैजिन क्षेत्र में उग्रवादियों की उपस्थिति और संभावित छुपने की जगह की खुफिया जानकारी मिली। जानकारी पर असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने खोज अभियान शुरू किया। इस व्यापक खोज के दौरान एक स्टेन, एमके वी राइफल, दो 12 बोर सिंगल-बैरल राइफलें, दो 9 मिमी पिस्तौल, नौ हैंड ग्रेनेड्स और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की गई।
इसी तरह से, 30 अगस्त को असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस द्वारा छांगसांग के सामान्य क्षेत्र के पास और साइकुल के पास एक संयुक्त खुफिया आधारित अभियान चलाया। इस अभियान में एक सोवियत राइफल, एक स्थानीय निर्मित राइफल, एक बोल्ट एक्शन राइफल, एक 0.22 पिस्तौल, एक परिमार्जित मोर्टार, छह पॉम्पिस और युद्ध जैसी सामग्री की बरामदगी हुई।
इसी तरह से आर कॉरिडोर, मोल्नोम-सेनाम हिल्स और सैवोम हिल्स में हथियारों और गोला-बारूद की खुफिया जानकारी मिली। इस आधार पर चुराचंदपुर, तेग्नौपाल और चंदेल जिलों में रविवार को कई संयुक्त अभियान चलाए गए। इस दौरान एक 51 मिमी मोर्टार, एक राइफ एमए-3 -II, एक AK-47, दो लाथोड्स गन, एक .303 राइफल, छह 9 मिमी पिस्तौल, सात सिंगल-बैरल 12 बोर गन, दो .22 राइफल, 12 सिंगल-बैरल 12 बोर गन, ग्यारह पॉम्पी गन, 49 परिमार्जित विस्फोटक उपकरण, ग्रेनेड्स, आंसू गैस के गोले, गोला-बारूद और युद्ध जैसी सामग्री की बरामदग की गई। इन संयुक्त अभियानों में 50 से अधिक हथियारों की बरामदगी हुई है। सभी बरामद की गई वस्तुओं को मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया है।