वृन्दावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में साल में एक बार होने वाली मंगला आरती रात लगभग 2 बजे हुई। ठाकुर जी के बाल रूप के दर्शन की एक झलक पाने को मानो जन समुद्र मंदिर प्रागण में उमड़ पड़ा। इससे मंदिर की सभी व्यवस्था धरी रह गई।
बताते चलें कि यहां मंगला आरती की परंपरा नहीं है। बताया जाता है कि यहां ठाकुर जी बाल स्वरूप में हैं और रात को निधिवन में रास रचाने जाते हैं। इसलिए सुबह उन्हें उठाया नहीं जाता।
ठाकुर जी की मंगला आरती साल में सिर्फ एक बार जन्माष्टमी के दिन होती है। इस दिन कान्हा ठाकुर बनकर रात में भक्तों को दर्शन देते हैं।