ऐसा पहली बार सामने आया है कि किसी एक आंख में रोशनी वाले व्यक्ति को विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस दिया है। केंद्र सरकार ने पहली बार मोनोकुलर यानि वह व्यक्ति जिसकी सिर्फ एक आंख में ही रोशनी है उसे ड्राइविंग लाइसेंस दिया है।
मामला तमिलनाडु के मदुरई का है जहां एक आंख से देखने वाला व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट देने आया और वह सफल भी रहा जिसके बाद उसे विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस दे दिया। पलंगनाथम निवासी 26 वर्षीय एनजे शिराबथिनाथ ने सोमवार को यह टेस्ट दिया था जिसे आरटीओ ने पास कर दिया।
शिराबथिनाथ का कहना है की गाड़ियां चलाना उनका सपना था। ऐसा सपना जो उनके मुताबिक कभी सच नहीं हो सकता था क्योंकि मोनोक्यूलर दृष्टि वाले व्यक्तियों को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिया जाता था। शिराबथिनाथ जब महज ढाई साल के थे तभी एक दुर्घटना में उन्होंने अपनी बाईं आंख की रोशनी को खो दिया था, जब वह बड़े हो रहे थे तब उनकी आंखों में ड्राइविंग का सपना फल-फूल रहा था। जो अब जाकर पूरा हो गया है।
दक्षिण मदुरई के आरटीओ पी सुरेश ने बताया कि, उन्हें परिपत्र जारी किया गया है की यदि मोनोक्यूलर दृष्टि वाले व्यक्ति टेस्ट पास कर लेते हैं तो ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान कर दिया जाये जैसा शिराबथिनाथ ने किया।