प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुंबई की विशेष अदालत ने शराब कारोबारी विजय माल्या की याचिका खारिज कर दी। बता दें कि ईडी ने मुंबई की पीएमएलए कोर्ट में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया है। माल्या ने अपनी याचिका में मांग की थी कि ईडी के इस आवेदन की सुनवाई पर रोक लगाई जाए।
इससे पहले 22 नवंबर को बांबे हाईकोर्ट ने भी शराब कारोबारी विजय माल्या की संपत्ति जब्त करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। माल्या ने मांग की थी कि ईडी की ओर से उसकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। नियमानुसार यदि किसी को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया जाता है तो जांच एजेंसी को आरोपी की संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिल जाता है।
किसे माना जाता है भगोड़ा आर्थिक अपराधी
अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ 100 करोड़ रुपये या अधिक के आर्थिक अपराधों में शामिल होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो। वह व्यक्ति मुकदमे से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो गया हो, तो उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी माना जाता है।