केरल के एर्नाकुलम में 41 वर्षीय एक शख्स ने अपनी 36 वर्षीय पत्नी और दो बच्चों को जान से मार डाला। इसके बाद उसने खुद भी जान देने की कोशिश की, लेकिन बच गया। उसने पूरी वारदात अपने किराए के घर में अंजाम दी। उसने बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसे मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ, जब उस व्यक्ति का एक रिश्तेदार उनके घर पहुंचा।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, मूलरूप से तमिलनाडु का नारायणन केरल के एर्नाकुलम में फूलों का थोक कारोबारी है। वह यहां किराए के मकान में अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ रहता है। आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने अपनी पत्नी जोयापोल और दोनों बच्चों अश्वंथ (चार साल) व लक्ष्मीकांत (आठ साल) की हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन उसकी जान बच गई।
ऐसे अंजाम दी वारदात
पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी ने पत्नी और बच्चों को नींद की गोली खिला दी थी। इसके बाद उसने जूते के फीते से उनका गला घोंट दिया। आरोपी ने बताया कि जब उसने नींद की गोलियों का असर नहीं होते देखा तो पत्नी व बच्चों का गला घोंटने की योजना बनाई। उसने खुद भी नींद की गोलियां खाईं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद उसने चाकू से अपने गले व हाथ को काट लिया।
आर्थिक तंगी के चलते उठाया खौफनाक कदम
जांच में सामने आया है कि नारायणन ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठाया। वह फूलों का थोक कारोबारी है। वह तमिलनाडु में फूलों की खेती करता है और केरल में उन्हें बेचता है। कुछ वक्त पहले वह कर्ज के जाल में उलझ गया। उसने अपनी पत्नी के भाई से उधार मांगा था, लेकिन कुछ समय बाद मदद लेने से इनकार कर दिया।
ऐसे सामने आया सच
पुलिस के मुताबिक, नारायणन की पत्नी के भाई ने शनिवार (1 जनवरी) को उसे कॉल किया और अपने भांजों से बात करने की इच्छा जताई। नारायणन ने बताया कि बच्चे सो रहे हैं, जिससे रिश्तेदार को शक हुआ। वह उनके घर पहुंचा तो नारायणन उसे घायल मिला, जबकि उसकी बहन व भांजों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद नारायणन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।