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ममता का आरोप : बंगाल में चुनाव कैसे हुए भगवान ही जानता है, एक हजार गुंडे बाहर से आए थे गुमराह करने

Wed, 08 Sep 2021 05:22 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

बंगाल की सीएम व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव में बाहर से गुंडे आए थे। भाजपा मुझसे राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकती, इसलिए वह एजेंसियों का सहारा ले रही है। 
 
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ममता बनर्जी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर भाजपा व केंद्र सरकार पर निशाना साधा ममता बनर्जी ने कहा, '2021 में बंगाल में किस तरह चुनाव हुए, वह केवल भगवान ही जानता है। केंद्र ने झूठ बोला, फिर भी मुझे हरा नहीं सका। नंदीग्राम में मुझ पर हमले के पीछे साजिश रची गई थी। बंगाल के बारे में गुमराह करने के लिए बाहर से 1000 गुंडे आए थे। 

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अपने उपचुनाव क्षेत्र भवानीपुर के चेतला में टीएमसी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में ममता बनर्जी ने यह आरोप लगाए। टीएमसी प्रमुख ने कहा, 'वे मुझसे राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकते, इसलिए उन्होंने एजेंसियों की मदद से कांग्रेस को रोका। वे मेरे साथ भी ऐसा ही कर रहे हैं। वे फिर से पूछताछ के लिए बुला रहे हैं, लेकिन जिसका नाम नारद केस के संबंध में असल में सामने आया है, उसका नाम नहीं लिया गया है।'

सीएम बनर्जी ने कहा कि उनके लिए भवानीपुर विधानसभा सीट छोड़ने वाले शोभनदेव चट्टोपाध्याय खारदा सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने मेरे लिए इस्तीफा दिया है, वह मंत्री बने रहेंगे। 
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बता दें, बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर 30 सितंबर को उपचुनाव होने जा रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी खुद अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी। वह मार्च अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं। 
 
भाजपा नेता घोष बोले-  हम करेंगे ममता से मुकाबला
उधर, बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि उपचुनाव में कितने भी प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं। हमारे वोटर हमारे साथ हैं। बंगाल चुनाव में माकपा व कांग्रेस द्वारा अपने प्रत्याशी खड़े नहीं करना मायने नहीं रखता। पिछले चुनाव में भी मुकाबला बंगाल सरकार व भाजपा के बीच था। घोष ने कहा कि उनके चुनाव नहीं लड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पिछले चुनाव में माकपा व कांग्रेस को केवल 10 से 15 हजार वोट मिले थे। उन्हें देखने की जरूरत नहीं है। लोग अपना मन बना चुके हैं। 
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