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कृषि कानून : सुप्रीम कोर्ट की समिति की रिपोर्ट सौ फीसदी किसानों के पक्ष में, किसान नेता घनवट बोले- जल्दी हो सुनवाई

Wed, 08 Sep 2021 05:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ पुणे

सार

कृषि कानूनों पर विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के एक सदस्य व शेतकरी संघटना के अध्यक्ष अनिल घनवत ने दावा किया है कि उसकी रिपोर्ट शत प्रतिशत किसानों के हित में है। वह रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग भी कर चुके हैं। 
 
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kisan andolan - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शेतकरी किसान संघटना के अध्यक्ष व कृषि कानूनों पर विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्य अनिल जे. घनवट ने दावा किया है कि समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट किसानों के पक्ष में सौ फीसदी है। उन्होंने एक सितंबर को सीजेआई को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया जाए। 

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घनवत ने मांग की है कि शीर्ष कोर्ट रिपोर्ट पर अविलंब सुनवाई करे। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन जल्द खत्म हो जाएगा। 

घनवट ने कहा कि समिति तीनों कृषि कानूनों को खत्म करने का समर्थन नहीं करती है, जिसके लिए किसान संगठन मांग कर रहे हैं, लेकिन उनका और उनके संगठन का निश्चित रूप से मानना था कि कानूनों में कई खामियां हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। इसलिए शीर्ष अदालत
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को किसानों की सभी आशंकाओं को दूर करने के लिए रिपोर्ट को जल्द से जल्द सार्वजनिक करना चाहिए। 

किसान नेता घनवट ने कहा कि समिति की रिपोर्ट को जल्द से जल्द या कल सार्वजनिक किया जाता है तो यह बेहतर होगा। रिपोर्ट में कही गई बातें जब सामने आएंगी तो लोग तय करेंगे कि नए कृषि कानून किसानों के पक्ष में हैं या नहीं। रिपोर्ट अदालत को सौंपे पांच महीने हो चुके हैं और समझ में नहीं आ रहा है कि अदालत द्वारा रिपोर्ट पर संज्ञान नहीं लेने के क्या कारण हो सकते हैं। 

सीजेआई को लिखे पत्र में घनवट ने कहा कि रिपोर्ट ने किसानों की सभी आशंकाओं को दूर किया है। समिति को विश्वास था कि सिफारिशें चल रहे किसान आंदोलन को हल करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। 
बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों पर अमल को निलंबित करते हुए 12 जनवरी 2021 को एक समिति का गठन किया था। इसमें घनवट को किसान समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए सदस्य बनाया गया है। समिति के अन्य सदस्य कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) के पूर्व अध्यक्ष अशोक गुलाटी और अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान के प्रमोद कुमार जोशी हैं।

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