इस बीच ममता के बयान पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि लंबे समय में स्पीड ब्रेकर आते हैं। लेकिन ममता बनर्जी और टीएमसी के बिना गठबंधन की कल्पना नहीं की जा सकती। वे इंडिया गठबंधन का अहम हिस्सा हैं। बंगाल में गठबंधन ही चुनाव लड़ेगा।
भारत जोड़ो न्याय यात्रा में नहीं बुलाए जाने के ममता के आरोप पर रमेश ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी दलों से बात की है और उनसे संपर्क में हैं। ममता को भी न्याय यात्रा में आने का न्योता भेजा गया है। हम उनसे बात कर के बीच का रास्ता निकालेंगे।
राजद नेता मनोज झा (फाइल फोटो)
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राजद नेता और सांसद मनोज झा ने इसे लेकर कहा, थोड़ा इंतजार करिए। हो सकता है जो बयान दिया हो, वो विशेष परिस्थिति में दिया हो। उस पर कार्रवाई होगी, चर्चा होगी और अगर कहीं कुछ अंतर्विरोध है तो उसे सुलझाने का नाम ही गठबंधन होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा कुछ भी कहने के लिए स्वतंत्र है, हमारी तारीफ तो करेगी नहीं। हम तो सीधे भाजपा को कहेंगे कि अपना घर ठीक रखिए।
विपक्षी दलों के प्रमुख चेहरों को जानिए
गौरतलब है कि 28 विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस) में शामिल प्रमुख दलों में कांग्रेस के अलावा तमिलनाडु में सत्तारुढ़- डीएमके, पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरा कार्यकाल हासिल करने वाली सीएम ममता की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख हैं। इनके अलावा सीएम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) भी गठबंधन में शामिल है। महाराष्ट्र की पार्टी- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) भी गठबंधन में शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में सरकार चला चुके पूर्व CM अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP) भी इस विपक्षी गठजोड़ का हिस्सा हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी
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कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का टकराव लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। टकराव के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं। उन्होंने मंगलवार शाम कहा, कांग्रेस ममता बनर्जी की दया पर चुनाव नहीं लड़ेगी। बकौल अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ना जानती है। हमने पश्चिम बंगाल में जो दो सीटें 2019 के लोकसभा चुनाव में जीती हैं, उनपर ममता और भाजपा दोनों को हराया है। उन्होंने कहा कि ममता अवसरवादी हैं। वे 2011 में कांग्रेस की कृपा से सत्ता में आईं।
शिवसेना यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे (फाइल)
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ममता के बयान पर महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री रहे आदित्य ठाकरे ने कहा, उन्हें मीडिया से जानकारी मिली है कि सीएम ममता ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, वे बंगाल में एक शेरनी की तरह लड़ रही हैं। भाजपा को हराने के साथ-साथ विपक्षी एकजुटता के मामले में भी उनकी लड़ाई काफी अहम है।
ममता बनर्जी के बयान पर महाराष्ट्र की एक अन्य कद्दावर नेता सुप्रिया सुले ने भी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया ने कहा, 'वे हमारी दीदी हैं और हम उनसे प्यार करते हैं। सभी उनका सम्मान करते हैं। गठबंधन (INDIA) एकजुट है और हम सभी एक साथ लड़ेंगे। गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होगा। हर राज्य में एक अलग मॉडल होगा। गठबंधन में कोई अंतर्कलह नहीं है। हम लगातार बातचीत कर रहे हैं।
कर्नाटक में बीजेपी नेता आर अशोक ने भी सीएम ममता के एलान पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'मैं ममता बनर्जी के रुख का स्वागत करता हूं। कांग्रेस एक 'नालायक' पार्टी है।' उन्होंने कहा, टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के बंगाल में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने भी आक्रामक तेवर दिखाए हैं।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने भी विपक्षी दलों के गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने सीएम ममता के फैसले पर कहा कि उन्हें इस फैसले से हैरानी नहीं हुई है। बकौल रविशंकर प्रसाद, जब स्वार्थी और अवसरवादी गठबंधन बनाए जाते हैं तो मतभेद और सीट बंटवारे पर टकराव जैसी चीजें होती ही हैं।