अमित शाह और ममता बनर्जी (फाइल)
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने भारतीय दंड संहिता और साक्ष्य से जुड़े कानूनों में बदलाव को लेकर अहम बयान दिया है। सीएम ममता बनर्जी ने शाह से राज्यों के बीच सहमति बनाने की अपील भी की है। शाह को लिखे पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि हितधारकों के बीच आम सहमति न बनाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ममता बनर्जी ने भारतीय न्याय संहिता बिल, 2023, भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बिल, 2023 को लेकर भी अहम बयान दिए।
ऐसे विधेयकों को पारित कराने पर गंभीर परिणाम होंगे?
भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.PC) और साक्ष्यों से जुड़े कानून में बदलाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी भी कानून में बदलाव के लिए सभी हितधारकों के बीच आम सहमति बनाने का प्रयास करना चाहिए। ममता ने कहा कि भविष्य में दोनों विधेयकों को वर्तमान स्वरूप में पारित कराने पर गंभीर प्रकृति के प्रभाव हो सकते हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले ममता का पत्र अहम
बता दें कि केंद्र सरकार ने भारत में लागू आपराधिक कानूनों में अहम बदलाव की पहल की है। संसद के मॉनसून सत्र में सरकार ने दोनों विधेयकों को पारित कराने की कवायद शुरू की। अब संसद के शीतकालीन सत्र में इन विधेयकों को पारित कराने की बात हो रही है। संसद सत्र की की शुरुआत से पहले ममता बनर्जी का यह पत्र इस नजरिए से भी अहम है क्योंकि इससे पहले भी वह सीमा सुरक्षा बल (BSF) से जुड़े कानून बदलाव को लेकर भी केंद्र से असहमति जाहिर कर चुकी हैं।
विरोध के लिए विधानसभा परिसर में CM ममता बनर्जी, TMC नेताओं के साथ राष्ट्रगान
पश्चिम बंगाल में दिन के एक अन्य अहम घटनाक्रम में ममता बनर्जी ने प्रदेश विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अन्य नेताओं के साथ 100-दिवसीय फंड मुद्दे के विरोध में विधानसभा परिसर में राष्ट्रगान भी गाया।