तृणमूल सुप्रीमो ने 21 जुलाई को पार्टी की शहीद दिवस रैली के बाद शाम को अपने लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों की बैठक बुलाई है। सबकी नजरें इस बैठक पर टिकी हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन किसे मिलेगा, इसे लेकर अभी तक पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पत्ते खोले नहीं खोले हैं। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी गुरुवार को अटकलों को विराम दे सकती हैं।
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टीएमसी सुप्रीमो ने बुलाई सांसदों की बैठक
तृणमूल सुप्रीमो ने 21 जुलाई को पार्टी की शहीद दिवस रैली के बाद शाम को अपने लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों की बैठक बुलाई है। सबकी नजरें इस बैठक पर टिकी हैं। बैठक मुख्यमंत्री के कालीघाट आवास पर बुलाई गई है। यहीं पर पार्टी सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद ममता कोई फैसला ले सकती हैं।
मार्गरेट अल्वा के नामांकन से दूर रही टीएमसी
उल्लेखनीय है कि सोमवार को उपराराष्ट्रपति पद के लिए मार्गरेट अल्वा ने विपक्ष के साझा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हुआ। अल्वा के नामांकन के समय एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी समेत विपक्षी दलों के कई नेता मौजूद रहे, लेकिन तृणमूल ने नामांकन से अपने को दूर ही रखा।
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इससे पहले रविवार को उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के चयन के लिए विपक्षी दलों की जो बैठक शरद पवार की अगुवाई में बुलाई गई थी, उसमें भी तृणमूल का कोई नेता उपस्थित नहीं हुआ था। चूंकि इस समय संसद का मानसून सत्र चल रहा है, तृणमूल के अधिकतर सांसद दिल्ली में ही मौजूद हैं।