फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

WB: ममता ने विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी का किया एलान; राज्यपाल ने दिया राजभवन के अंदर प्रदर्शन करने का न्योता

Thu, 07 Sep 2023 03:21 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

बंगाल विधानसभा ने पोइला बैसाख यानी बांग्ला नव वर्ष के दिन (14 या 15 अप्रैल को बंगाली कैलेंडर का प्रथम दिन) राज्य का स्थापना दिवस मनाने का प्रस्ताव गुरुवार को बहुमत से पारित किया।
विज्ञापन
Mamata Banerjee - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के विधायकों के वेतन में 40,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की घोषणा की। ममता ने कहा कि मुख्यमंत्री के वेतन में कोई संशोधन नहीं होगा, क्योंकि वह लंबे समय से कोई वेतन नहीं ले रही हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायकों का वेतन अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि उनके वेतन में प्रति माह 40,000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि मैं टैगोर के ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ गीत को बंगाल का राज्य गीत बनाने के प्रस्ताव का समर्थन करती हूं। हम 15 अप्रैल को बंगाल दिवस के तौर पर मनाएंगे। इस बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को सम्मानित अतिथि के रूप में राजभवन के अंदर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन करने का न्योता दिया। दरअसल, ममता ने राज्य विधानसभा से पारित अपने बिलों को रोकने के खिलाफ में राजभवन के बाहर धरना देने की धमकी दी थी।

राज्यपाल ने कहा कि मैं अपनी सम्मानित संवैधानिक सहयोगी माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे राजभवन के अंदर आएं और अगर वह चाहें तो विरोध प्रदर्शन करें। उन्हें बाहर क्यों खड़ा होना चाहिए? इससे पहले मंगलवार को शिक्षक दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर राज्य सरकारों के अधिकार छीनकर संघवाद में हस्तक्षेप किया गया तो मैं राजभवन के बाहर धरने पर बैठने के लिए मजबूर हो जाऊंगी। हम अन्याय नहीं होने देंगे। बंगाल जानता है कि लड़ाई कैसे लड़ी जाए।
विज्ञापन


इस बीच सीवी आनंद बोस ने एक वीडियो संदेश में यह भी कहा कि वह राज्य के विश्वविद्यालयों को भ्रष्टाचार तथा हिंसा से मुक्त रखने की अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। राज्यपाल का यह संदेश ऐसे वक्त में आया है, जब राज्य के कुछ विश्वविद्यालयों में राज्यपाल की ओर से अंतरिम कुलपतियों की नियुक्तियों को लेकर राज्य सरकार तथा राजभवन के बीच तना-तनी चल रही है।

राज्यपाल बोस ने रवीन्द्र नाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद के नाम का उल्लेख करते हुए वादा किया कि वह भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा जगत के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति संबंधी राजभवन के हालिया कदम के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से की गईं नियुक्तियों के खिलाफ शीर्ष अदालत के फैसले के मद्देनजर मैंने अंतरिम कुलपतियों की नियुक्तियां कीं।

एक अप्रैल को मनाया जाएगा बंगाल दिवस, विधानसभा में प्रस्ताव मंजूर
बंगाल विधानसभा ने पोइला बैसाख यानी बांग्ला नववर्ष के दिन (14 या 15 अप्रैल को बंगाली कैलेंडर के प्रथम दिन) राज्य का स्थापना दिवस मनाने का प्रस्ताव गुरुवार को बहुमत से पारित किया। सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस की ओर से गुरुवार को विधानसभा में यह प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 167 वोट पड़े, जबकि विरोध में 62 वोट पड़े। हालांकि, वोटिंग के बाद भाजपा विधायक विधानसभा से बाहर चले गए। 

सत्र के अंत में सत्ता पक्ष के विधायकों ने प्रस्तावित राज्यगीत एक सुर में गाया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सुर में सुर मिलाया। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने गुरुवार को 'बांग्लार माटी बांग्लार जल' को बंगाल का गीत और एक अप्रैल यानि पहला बैसाख को बंगाल दिवस मनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। 

हालांकि, भाजपा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राज्यपाल इस प्रस्ताव हस्ताक्षर नहीं करेंगे, तो ममता बनर्जी ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि राज्यपाल हस्ताक्षर नहीं करेंगे, तो भी बंगाल दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि हमारा समर्थन कौन करेगा, लेकिन इस दिन को बंगाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें