पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव से पहले शनिवार को बड़ा दांव चला है। बनर्जी ने धरने के दूसरे दिन घोषणा की, हमें भाजपा से भीख नहीं मांगनी है और न ही भाजपा की भीख चाहिए। 21 फरवरी तक हम उन 21 लाख श्रमिकों के बैंक खातों में पैसे अंतरित कर देंगे, जिन्हें पिछले तीन साल से काम करने के बाद भी मनरेगा का पैसा नहीं मिला है।
ममता ने कहा, अब राज्य सरकार केंद्र की राह नहीं देखेगी, लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, 11 लाख आवासों को अभी मंजूरी नहीं मिली है। आज आवास के बारे में बात नहीं करूंगी, उचित समय आने पर करूंगी। उन्होंने कहा, मनरेगा का पैसा नहीं आने से ग्रामीण काम रुके हुए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
सीएम ममता ने आगे कहा, 'केंद्र सरकार सोच रही है कि वे बंगाल को भूखा मार देंगे। हम उन्हें इसमें सफल नहीं होने देंगे, मुझ पर भरोसा रखें, मैं धीरे-धीरे उन फंडों को निकालने की कोशिश करूंगी जो अभी भी अटके हुए हैं।'
जब तक जिंदा हूं लड़ती रहूंगी...
ममता ने आगे कहा, 'यह लड़ाई उन लोगों के लिए है जो वंचित हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और बंगाल में एक भी गरीब व्यक्ति को वंचित नहीं होने देंगे। जब तक मैं जीवित हूं, मैं आप लोगों के लिए लड़ती रहूंगा।'
बनर्जी ने बताया कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक देगी और दावा किया कि यदि सभी विपक्षी दल एक साथ आ गए तो केंद्र में भाजपा सरकार निश्चित रूप से गिर जाएगी। उन्होंने कहा, 'मैं पूरी ताकत लगाऊंगी और जीतूंगी। अगर सभी राज्य, सभी फ्रंटल संगठन और सभी क्षेत्रीय दल और राष्ट्रीय दल आगे आते हैं, तो मुझे लगता है कि भाजपा का पतन निश्चित है। अगर भाजपा सोचती है कि वे यहां लंबे समय तक रहने वाले हैं तो वे गलत हैं। उन्होंने लंबे समय तक लोगों पर अत्याचार किया है,'।