संसद के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पांच सितंबर को अहम बैठक बुलाई है। बैठक में विपक्षी गठबंधन INDIA के सांसदों को बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विपक्षी दल 18 से 22 सितंबर तक होने वाले आगामी विशेष सत्र के लिए अपनी रणनीति तय करेंगे। बैठक खरगे ने राजाजी मार्ग स्थित अपने आवास पर बुलाई है।
खरगे ने भाजपा सरकार को घेरा
देश में एक साथ चुनाव कराने पर सरकार के जोर देने के बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत के लोगों के पास 2024 के लिए ‘एक राष्ट्र, एक समाधान’ है और वह है भाजपा के ‘कुशासन’ से छुटकारा पाना। खरगे ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवहार्यता को परखने के लिए केंद्र द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को एक चाल करार दिया और आरोप लगाया कि मोदी सरकार धीरे-धीरे भारत में लोकतंत्र की जगह तानाशाही लाना चाहती है।
18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र
दरअसल, केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है। केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संसद का विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा के 261वां सत्र) में पांच बैठकें होंगी।
संसद के इस विशेष सत्र के एजेंडे के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है। हालांकि, यह सत्र 9 और 10 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में जी20 शिखर बैठक के कुछ दिनों बाद आयोजित होने जा रहा है। जोशी ने कहा कि संसद के इस विशेष सत्र में पांच बैठकें होंगी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अमृत काल के बीच आयोजित होने वाले इस विशेष सत्र के दौरान संसद में सार्थक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं।
तो क्या विपक्ष के जल्दी आम चुनाव के दावे पर लगेगी मुहर
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विपक्ष की तरफ से ऐसे दावे किए गए हैं कि मोदी सरकार इस बार आम चुनाव समय से पहले करा सकती है। दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि केंद्र की मोदी सरकार जनवरी फरवरी में लोकसभा चुनाव करा सकती है। वहीं, अब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार के हालिया बयान से इन चर्चाओं में दम नजर आ रहा है। ममता बनर्जी और नीतीश कुमार ने कहा है कि यह लोग लोकसभा चुनाव समय से पहले भी करवा सकते हैं।