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हाईकोर्ट से बोले नवाब मलिक: हिंदू व मुस्लिम के रूप में दोहरी जिंदगी जी रहे वानखेड़े, जनता को यह जानने का हक

Thu, 16 Dec 2021 06:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, मुंबई

सार

दो दिन पहले हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में नवाब मलिक ने यह बात कही है। मलिक ने कहा कि वह जनता को बताना चाहते थे कि वानखेड़े हिंदू व मुसलमान के रूप में कैसे दोहरा जीवन जी रहे हैं।
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नवाब मलिक और समीर वानखेड़े - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष कहा है कि वह एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ इसलिए बोले कि जनता को यह जानने का हक है कि वह दोहरी जिंदगी जी रहे हैं। यह भी जनता को बताना जरूरी है कि वानखेड़े ने अपनी नौकरी अवैध रूप से हासिल की है।

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दो दिन पहले हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में नवाब मलिक ने यह बात कही है। मलिक ने कहा कि वह जनता को बताना चाहते थे कि वानखेड़े हिंदू व मुसलमान के रूप में कैसे दोहरा जीवन जी रहे हैं।राकांपा नेता ने कहा, 'मेरे द्वारा प्रकाशित सामग्री साबित करती है कि समीर वानखेड़े ने अवैध ढंग से अपनी नौकरी हासिल की है और अपनी सरकारी ड्यूटी का निर्वाह करते हुए उन्होंने किस तरह से अवैध कार्य किए।' 

मलिक ने यह हलफनामा समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि मामले के जवाब में दायर किया गया है। ज्ञानदेव ने यह केस नवंबर में दायर किया था। इससे पहले नवाब मलिक ने कई ट्वीट किए थे। उनमें मलिक ने अन्य बातों के अलावा यह भी दावा किया था कि वानखेड़े मुस्लिम के रूप में पैदा हुए, लेकिन उन्होंने केंद्र सरकार की नौकरी पाने के लिए एक झूठा जाति प्रमाणपत्र पेश किया कि वह अनसूचित जाति से हैं। ज्ञानदेव ने इन्हीं आरोपों के आधार पर मलिक के खिलाफ केस लगाया है। 

मलिक के आरोपों का ज्ञानदेव ने खंडन किया है और दावा किया कि वह इसलिए उन्हें निशाना बना रहे हैं, क्योंकि मंत्री के दामाद को समीर वानखेड़े के नेतृत्व में एनसीबी अधिकारियों ने ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था। पिछले माह हाईकोर्ट की एक एकल पीठ ने ज्ञानदेव की वह दलील नामंजूर कर दी थी, जिसमें मानहानि मामला लंबित रहने तक मलिक को उनके परिवार के खिलाफ बयान नहीं देने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। 

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क्रिसमस के बाद होगी नए सिरे से सुनवाई
ज्ञानदेव की याचिका पर अब क्रिसमस की छुट्टी के बाद एक अन्य न्यायाधीश नए सिरे से सुनवाई करेंगे, क्योंकि दोनों पक्ष नए सिरे से सुनवाई के लिए सहमत हो गए हैं। मंत्री नवाब मलिक ने इस बात से भी इनकार किया कि वह जनवरी 2021 में अपने दामाद की गिरफ्तारी के कारण वानखेड़े परिवार के खिलाफ बयान दे रहे थे।

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