India-Maldives: सूत्रों ने कहा कि मालदीव ने भातीय सैन्य मंचों की उपयोगिता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, यह हमारी द्विपक्षीय विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण खंड है, जिसे दोनों पक्षों द्वारा मान्यता प्राप्त है। उन्हें कैसे चालू रखा जाए, इस पर चर्चा चल रही है।
भारत और मालदीव ने हाल ही में यहां मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) गतिविधियों में लगे भारतीय सैन्य मंचों की स्थिति और भविष्य पर चर्चा की। मामले को करीब से देखने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी। हाल ही में COP28 शिखर सम्मेलन के इतर दुबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच बैठक हुई थी।
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सूत्रों ने यह भी कहा, हमें मालदीव में एचएडीआर गतिविधियों में लगे भारतीय सैन्य मंचों की भूमिका के बारे में रिपोर्ट मिली हैं। जिनमें उनकी उपयोगिता पर जोर दिया गया है। इस मुद्दे पर दुबई में संक्षिप्त चर्चा की गई और दोनों पक्षों ने अपनी द्विपक्षीय विकास साझेदारी के एक महत्वपूर्ण खंड के रूप में इन मंचों के महत्व को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा, 'मालदीव ने इन सैन्य मंचों की उपयोगिता को स्वीकार किया है। यह हमारी द्विपक्षीय विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण खंड है, जिसे दोनों पक्षों द्वारा मान्यता प्राप्त है। उन्हें कैसे चालू रखा जाए, इस पर चर्चा चल रही है।'
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विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दुबई में बैठक के दौरान पीएम मोदी ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति मुइज्जू को पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की, जिसमें लोगों के बीच संबंध, विकास सहयोग और आर्थिक संबंध शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने आपसी साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा की। इस संबंध में वे एक कोर समूह गठित करने पर सहमत हुए। दुबई में COP 28 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में खेल, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों पर भी व्यापक चर्चा हुई।
भारत का मालदीव के साथ सदियों पुराने गहरे संबंध हैं। भारत पहला देश था जिसने 1965 में मालदीव को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी और राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। मालदीव के साथ भारत के संबंध किसी भी राजनीतिक रूप से विवादास्पद मुद्दों से मुक्त हैं। 1988 के तख्तापलट के प्रयास के दौरान भारत की त्वरित सहायता से मालदीव के साथ विश्वास और दीर्घकालिक और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का विकास हुआ।