फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahua Moitra: लोकसभा से बर्खास्तगी की सिफारिश, TMC MP बोलीं, कंगारू कोर्ट का फैसला, समर्थन में अभिषेक बनर्जी

Thu, 09 Nov 2023 10:28 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महुआ मोइत्रा को संसद से बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ ने कहा है कि ये कंगारू कोर्ट का फैसला है। उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस बड़े अंतर से जीत दर्ज कर मजबूत वापसी करेगी।
विज्ञापन
महुआ मोइत्रा, निशिकांत दुबे (फाइल) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद में सवाल के बदले पैसा मामले में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने निष्कासन की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। "कैश-फॉर-क्वेरी" विवाद में संसद की आचार समिति ने महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश की है। महुआ मोइत्रा ने लोकसभा आचार समिति के फैसले को "कंगारू अदालत का पूर्व निर्धारित निर्णय" करार दिया। उन्होंने कहा कि फैसला दर्शाता है कि भारत में "संसदीय लोकतंत्र की मृत्यु" हो रही है।
विज्ञापन


बता दें कि भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने गुरुवार को मोइत्रा के निष्कासन का सुझाव देने वाली अपनी रिपोर्ट को अपनाया। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए टेलीफोनिक साक्षात्कार में महुआ मोइत्रा ने कहा, "भले ही वे मुझे इस लोकसभा में निष्कासित कर दें, मैं अगली लोकसभा में बड़े जनादेश के साथ वापसी करुंगी।"

मोइत्रा ने कहा, निष्कासन का फैसला कंगारू कोर्ट ने पहले से निर्धारित कर रखा था। इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए है। मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी की प्रक्रियाओं को कंगारू कोर्ट के समान बताया। उन्होंने दावा किया, "पहले दिन से, यह एक कंगारू अदालत थी। कोई सबूत नहीं, कोई निशान नहीं, कुछ भी नहीं। उन्होंने मुझे पूछताछ के लिए बुलाया, जो पूरी नहीं हुई क्योंकि चेयरपर्सन ने दूसरों को मुझसे सवाल करने की अनुमति नहीं दी।"
विज्ञापन


मोइत्रा ने मुख्य शिकायतकर्ता से जिरह करने की अपनी मांग दोहराते हुए कहा, "मुख्य शिकायतकर्ता, कथित रिश्वत देने वाले से कोई जिरह नहीं की गई। मुझे मुख्य शिकायतकर्ता से जिरह करने की अनुमति नहीं दी गई। सबूत का एक भी टुकड़ा नहीं पेश किया गया।" आज तक दिए गए नकद या उपहारों में, लॉगिन शेयरिंग कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि प्रत्येक सांसद इसे 10 लोगों के साथ साझा करता है। इस संबंध में नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) का कोई नियम नहीं हैं।" लॉगिन आईडी और उपहारों पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए मोइत्रा ने कहा कि उन्होंने कुछ भी "अनैतिक या अवैध" नहीं किया है।

कुछ समय पहले विवाद के पल्ला झाड़ती दिख रही सत्तारूढ़ टीएमसी ने गुरुवार को 'कैश-फॉर-क्वेरी' विवाद में सांसद महुआ मोइत्रा का पुरजोर समर्थन किया। तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि जिसने भी सरकार से सवाल किया है। केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार उसे परेशान कर रही है। एकजुटता व्यक्त करते हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस कदम को "प्रतिशोध की राजनीति" करार दिया, और भाजपा पर केंद्र सरकार की आलोचना करने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

बनर्जी ने पूछा, मोइत्रा के खिलाफ आरोप साबित होने से पहले ही एक संसदीय समिति उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर कैसे विचार कर सकती है। उन्होंने कहा, "जो कोई भी अडानी मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछ रहा है उसे परेशान किया जा रहा है। मोइत्रा के खिलाफ आरोप साबित होने से पहले ही लोकसभा आचार समिति उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कैसे कर सकती है?" बता दें कि मोइत्रा का समर्थन करते हुए टीएमसी पार्टी ने अब तक टाल-मटोल का रुख अपनाया है और एक समय तो यहां तक कहा था कि वह इस मुद्दे पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें