टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सरकारी बंगला खाली करने के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट के नोटिस के खिलाफ दाखिल की गई महुआ की याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका में उन्होंने सरकार द्वारा आवंटित बंगले से उनके निष्कासन पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। दरअसल डीओई (Directorate of Estates) ने महुआ मोइत्रा को मंगलवार को ताजा नोटिस जारी कर बंगला खाली करने को कहा है, जो उन्हें बतौर सांसद आवंटित हुआ था।
अस्पताल में भर्ती हैं महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता बृज गुप्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि निष्कासित सांसद एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और और आईसीयू में हैं। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है, इसलिए उन्हें बंगला खाली करने के लिए कुछ समय की जरूरत होगी। महुआ मोइत्रा इसके लिए भुगतान करने को तैयार हैं।
सुनवाई के दौरान जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि मोइत्रा को एक सांसद के रूप में उनके पद के कारण आवास आवंटित किया गया था और संसद से निष्कासन के बाद यह दर्जा समाप्त हो गया। कोर्ट ने कहा चूंकि संसद से उनके निष्कासन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है, इसलिए हाईकोर्ट उन्हें संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत आधिकारिक बंगले से बेदखली के खिलाफ राहत नहीं दे सकता है।
डीओई ने जारी किया नोटिस
महुआ मोइत्रा को बीती 8 दिसंबर को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था। जिसके बाद नियमों के तहत डीओई ने टीएमसी नेता को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भेजा था। नोटिस में 7 जनवरी तक बंगला खाली करने को कहा गया था। महुआ मोइत्रा ने बंगला खाली नहीं किया तो डीओई ने फिर से 8 जनवरी को महुआ मोइत्रा को नोटिस जारी किया। इस नोटिस में महुआ मोइत्रा से बंगला ना खाली करने वजह बताने को कहा गया था। अब 12 जनवरी को फिर से महुआ मोइत्रा को बंगला खाली करने का नोटिस जारी हुआ है।
दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची थीं महुआ मोइत्रा
डीओई के नोटिस के खिलाफ महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की। जिसमें महुआ मोइत्रा ने उन्हें बंगले में रहने की इजाजत देने की मांग की। हाईकोर्ट ने कहा कि नियमों के तहत आवंटन निरस्त होने के अधिकतम छह महीने तक आवंटी बंगले में रह सकता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में ही इसकी मंजूरी दी जाएगी। हाईकोर्ट ने महुआ को डीओई से बात करने और बंगले में रहने की इजाजत मांगने को कहा था। अब ताजा नोटिस जारी होने के बाद महुआ मोइत्रा एक बार फिर से हाईकोर्ट पहुंची।