कर्ज में डूबे मुंबई पुलिस के त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) के एक सदस्य की गोलीबारी में घायल व्यक्ति की मौत हो गई। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा था। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
ठाणे जिले के पुलिस अधीक्षक विक्रम देशमाने ने बताया कि मृतक की पहचान अजीज असलम सैयद (30 वर्षीय) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया, 13 अक्तूबर की रात विरार निवासी सैयद और उनका चचेरा भाई फिरोज शेख (27 वर्षीय) दोपहिया वाहन से उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव शहर की ओर जा रहे थे, तभी ठाणे जिले के मेंडे गांव के पास एक व्यक्ति ने उन पर गोली चला दी, जिससे वे घायल हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर की पहचान मुंबई पुलिस की क्यूआरटी के सदस्य सूरज देवराम ढोकरे (37 वर्षीय) के रूप में हुई, जिस पर 62 लाख रुपये का कर्ज था और वह दोनों को लूटना चाहता था। ढोकरे को 15 अक्तूबर को अहमदनगर जिले के शिरडी से गिरफ्तार किया गया था और शुरुआत में ठाणे पुलिस ने उस पर हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान उसकी असली पहचान का खुलासा हुआ।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) देशमाने ने कहा कि 16 अक्तूबर को मुंबई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान सैयद की मौत के बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का आरोप लगाया गया है। एसपी ने कहा कि ढोकरे 62 लाख रुपये तक के भारी कर्ज में था, जिसे उसने बैंकों, वित्तीय संस्थानों से लिया था और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी खर्चा किया हुआ था।
उन्होंने कहा कि क्यूआरटी सदस्य ने अपना कर्ज चुकाने के लिए पैसे कमाने के लिए लूटपाट का सहारा लिया था और दोनों पर हमला उसी रणनीति का हिस्सा था। देशमाने ने बताया कि घटना के दिन ढोकरे को कर्ज अदायगी के संबंध में एक बैंक से फोन आया था और उसका अपने परिवार के सदस्यों के साथ झगड़ा भी हुआ था।
गणेशपुरी संभाग के पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत ढोले ने बताया कि पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद ढोकरे को सोमवार को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।