मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में फेसबुक पर कथित 'अपमानजनक' पोस्ट को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम को ठाणे में शिवसेना की कार्यकर्ता रोशनी शिंदे पर हमला किया।
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग (एमएससीडब्ल्यू) ने गुरुवार को ठाणे शहर की पुलिस को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की एक महिला कार्यकर्ता पर कथित हमले की 'साक्ष्य आधारित जांच' करने और चार दिनों में एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में फेसबुक पर कथित 'अपमानजनक' पोस्ट को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम को ठाणे में शिवसेना की कार्यकर्ता रोशनी शिंदे पर हमला किया। एमएससीडब्ल्यू ने बुधवार को ठाणे के पुलिस आयुक्त से घटना पर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा। एक अधिकारी ने बताया कि निर्देशों के अनुसार पुलिस विभाग ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
हालांकि, एमएससीडब्ल्यू प्रमुख रूपाली चाकनकर ने कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई में कई खामियां थीं और आयोग पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है। इसलिए ठाणे पुलिस प्रमुख को (एमएससीडब्ल्यू द्वारा) स्पष्ट उपलब्ध सबूतों के आधार पर जांच करने और चार दिनों में एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
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महिला आयोग ने हमले का स्वत: संज्ञान लिया था और बुधवार को ठाणे पुलिस को निर्देश दिए थे। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार शाम ठाणे पुलिस आयुक्त से मुलाकात की थी और उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया था। इस प्रकरण का जिक्र करते हुए ठाकरे ने मंगलवार को फडणवीस को बेकार गृह मंत्री करार दिया और उनके इस्तीफे की मांग की। वहीं, भाजपा नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि ठाकरे एक 'कमजोर' मुख्यमंत्री थे जिन्होंने सत्ता के लिए अपनी विचारधारा का बलिदान दे दिया।
ठाणे एकनाथ शिंदे का गढ़ है, जिन्होंने पिछले साल जून में बगावत करके उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को गिरा दिया था और भाजपा से हाथ मिलाकर मुख्यमंत्री बने थे।