महाराष्ट्र के पुणे स्थित गिरिप्रेमी संघ की महिला पर्वतारोहियों ने अगस्त के पहले हप्ते में कांग यात्से 1 और कांग यात्से 2 चोटियों पर करीब 6 हजार मीटर की चढ़ाई कर पर्वतारोहण के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। दोनों पर्वत चोटियां हिमालय पर्वतमाला के लद्दाख क्षेत्र में हैं। साल 1984 के लंबे अंतराल के बाद महिलाओं की टीम ने इस चोटी पर तिरंगा लहराया है।
हिमालय पर्वत शृंखला की कांगयात्से-1 की उंचाई 6 हजार मीटर से भी अधिक है। इस साल पुणे की गिरिप्रेमी संस्था की प्रियंका चिंचोरकर, स्मिता करिवडीकर, अंजली कात्रे, सायली बुधकर, स्नेहा गुडे और पद्मजा गुडे ने इस दोहरे पर्वतारोही अभियान में हिस्सा लिया और चोटी फतह करने में सफलता प्राप्त की।
प्रसिद्ध पर्वतारोही व श्री शिव छत्रपति पुरस्कार विजेता उमेश जिरपे ने बताया कि महिलाओं ने दो वर्षों के कठिन परिश्रम के बाद और प्रतिकूल परिस्थितियों को मात देकर चढ़ाई में कामयाब हुई हैं। हालांकि खराब मौसम के कारण वे पहले प्रयास में शिखर पर नहीं चढ़ सकी और उन्हें बेस कैंप में लौटना पड़ा। लेकिन इस महिला टीम ने 4 और 5 अगस्त को सफलतापूर्वक कांग यात्से चोटी को फतह कर लिया।